12 अक्तूबर 2011

जीवन और जन्मदिन

जीवन एक अनवरत चलने वाली प्रक्रिया है. साँसों का यह सफ़र इंसान को किस पड़ाव तक ले जाए यह निश्चित नहीं है. जब तक साँसें चल रही है जीवन है, सांसें रुकी की नहीं जीवन समाप्त समझो. लेकिन साँसों के रुकने से जीवन समाप्त नहीं होता हमें यह बात समझ लेनी चाहिए. हालाँकि इस जीवन के बारे में यह कहा जाता है कि "पानी केरा बुदबुदा, अस मानस की जात / देखते ही छुप जायेगा ज्यों तारा प्रभात". किसी हद तक तो यह बात सही भी लगती है. लेकिन जब गहरे में उतरकर देखते हैं तो यह तथ्य उभरकर सामने आता है कि जीवन की तो सीमा है, लेकिन जीव की नहीं. जीव की यात्रा अनन्त है और जीवन की सीमित. जीव परमात्मा का अंश है, तो जीवन प्रकृति का. यह बात भी गौर करने योग्य है कि प्रकृति परमात्मा की छाया है और हम भी प्रकृति का एक अंश, यह भी सही है कि जिन तत्वों से जीवन का निर्माण हुआ है, जीवन की समाप्ति पर वह तत्व अपने-अपने मूल में मिल जाते हैं और फिर नव निर्माण होता है. यह प्रक्रिया अनवरत चल रही है सृष्टि के प्रारम्भ से, और चलती रहेगी अनंत काल तक. बस जीवन के प्रति अगर यही समझ बनी रहती है तो जीवन का सफर सुखदायी और आनंदमय बना रहता है, और हम साँसों के इस सफर को तय करते हैं पूरी संजीदगी के साथ. 
 
आज जब मैंने जीवन के 29 वर्षों का सफर  तय कर लिया तो बहुत सी बातों के विषयों में सोचा और
आकलन किया खुद का, और खुद के कर्मों का बस यही कि जीवन जिस दिशा में जा रहा है और जिस गति से जा रहा है, अगर वही दिशा  और गति  बनी रहे तो भी कहीं न कहीं जीवन की सार्थकता सिद्ध हो जाए. लेकिन इसके लिए मुझे बहुत संभल कर चलना है. क्योँकि इस संसार में खुद को पाक-साफ रखना बहुत कठिन कार्य है, लेकिन फिर भी कोशिश तो की जा सकती है और बस यही  प्रयास अनवरत जारी रहता है. हालाँकि यह मानवीय स्वभाव है कि वह कभी भी एक सी चीजों पर केन्द्रित नहीं रहता और उसे रहना भी नहीं चाहिए. मन की चंचलता और बुद्धि की तार्किकता उसे जीवन भर संघर्षरत रखती है और मानव अपनी उपलब्धियों से खुद को गर्वित महसूस करता है. लेकिन यह बात हमेशा मेरे जहन में रहती है कि "क्षणिकता" से "वास्तविकता" की और बढ़ा जाए, अन्धकार से प्रकाश  की ओर, अज्ञान से ज्ञान की ओर, भौतिकता से अध्यात्म की ओर  अगर यह सब हो जाता  है तो निश्चित रूप से जीवन मृत्यु से अमरत्व की ओर बढ़ जाएगा ओर जीवन का लक्ष्य सिद्ध हो जायेगा. लेकिन यह होगा तब ही जब हमारा-आपका सहयोग और प्रेम परस्पर बना रहेगा. 

आज मन बहुत द्रवित है. सोचा अपने जीवन के हर पहलु को तो बहुत सी बातें नजर आयीं. ब्लॉगजगत का दिया हुआ प्यार और सम्मान मेरी आखों में आंसू ले आया. जब मैंने ब्लॉगिंग की दुनिया में प्रवेश किया था तो एक सामान्य पाठक के रूप में और आज भी खुद को ब्लॉगिंग के विस्तृत पटल पर एक सामान्य पाठक ही मानता हूँ. आज जो भी कुछ कर पाता हूँ यह सब आपके प्रेम और सहयोग का ही परिणाम है. आपकी प्रेरणादायी टिप्पणियाँ ही नहीं बल्कि समय -समय पर व्यक्तिगत रूप दिए गए आपके सुझाब भी मेरे लिए बहुत मायने रखते हैं. इसके अलावा आपका अपनापन तो मेरे लिए खुदा की सौगात से कम नहीं. इसलिए आज नतमस्तक हूँ आप सबके सामने. कल जब पोस्ट लिख रहा था तो कुछ नाम मेरे जहन में उभर आये थे. लेकिन जब पूरी सूची देखी तो लगा कि इतने सारे नामों के लिए तो एक अलग से पोस्ट लिखनी पड़ेगी और फिर सोचा कि ब्लॉग जगत ने जो कुछ मुझे दिया है उसके लिए धन्यवाद कहना, एक औपचारिकता को निभाने जैसा होगा.

हालाँकि सूचना और तकनीक के इस दौर में आभासी रिश्तों की बात की जाती है और इसे एक तरह से आभासी दुनिया कहा जाता है. लेकिन मैंने जहाँ तक अनुभव किया मुझे काफी हद तक ऐसा प्रतीत नहीं हुआ. जिस भी व्यक्ति से बात हुई सबने सहयोग और प्रेम की ही बात की. माध्यम कोई भी रहा हो (टेलीफोन, फेसबुक, ऑरकुट, मेल) आदि. लेकिन मैंने सबको सहयोग देते हुए पाया. इसलिए खुद को बहुत खुशनसीब समझ रहा हूँ. अब तो लगता है कि जीवन का सफर एक नए दौर की तरफ चल पड़ा और यह दौर और यह रिश्ते मुझे जरुर कोई नया मुकाम देंगे. इसी आशा के साथ....! अब आप सब तो यही कहेंगे न ........ !
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आज की इस पोस्ट का पॉडकास्ट ब्लॉग जगत की चर्चित पॉडकास्टर आदरणीय अर्चना जी के सौजन्य से आप मेरी आवाज में सुन सकते हैं ...आदरणीय अर्चना जी ने मेरे मन की भावनाओं को समझते हुए आपकी नजर यह पोस्ट पेश की ...आशा है आपको यह प्रयास पसंद आएगा ...!
                                  

64 टिप्‍पणियां:

  1. जन्मदिन की हार्दिक शुभकामना.... अत्यंत दार्शनिक अंदाज़ आज के दिन....

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  2. आत्मावलोकन मनुष्य का मार्गदर्शन करता है, जन्मदिन पर सार्थक चिंतन है आर्य। जन्मदिन की हार्दिक की हार्दिक शुभकामनाएं

    शाम को आपका जन्मदिन मनाते हैं।
    थ्री चीयर्स :)

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  3. स्नेहाशीष..
    जन्मदिन की शुभकामनाएं व बधाई...

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  4. जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनाएं

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  5. जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनाएं|

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  6. जन्म दिन की शुभ कामनाएं जी.

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  7. जन्मदिन की ढेरों शुभ कामनाएं ...

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  8. आपको जन्म दिवस की शुभकामनाएँ । बधाई एवं धन्यवाद ।

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  9. बधाई केवल जी । आप जीवन के इस नव वर्ष को सदकार्यों से सुशोभि‍त कर अपना और सबका भला कर पायें, ऐसी शुभकामनाएं...

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  10. जन्मदिन की हार्दिक की हार्दिक शुभकामनाएं ………अच्छे लोग हमेशा अच्छा ही सोचते है और अच्छा ही करते है और तुम उनमे से एक हो केवल राम्…………शायद तभी नाम भी वैसा ही है ……………भगवान तुम्हे जीवन मे सफ़लता यश और उन्नति दे।

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  11. जन्‍मदिन की बहुत-बहुत बधाई के साथ शुभकामनाएं ।

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  12. क्या बात है...आज भी दर्शन :)
    जन्म दिन की ढेरों शुभकामनायें.जीवन के हर क्षेत्र में आपको सफलता मिले.
    खुश रहिये ...एन्जॉय ...

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  13. जन्मदिन कुछ नया लेकर आता है, शुभकामनायें।

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  14. जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं !

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  15. केवल जी आपको जन्म दिन की बहुत बहुत शुभकामनाएं !

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  16. जन्मदिन की शुभकामनाएं !

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  17. जन्मदिन की हार्दिक की हार्दिक शुभकामनाएं... जीवन के इतने कम वर्षों में इतनी उपलब्धि, इतने सारे लोगों का प्यार और आशीर्वाद, इतनी अच्छी सोच और विचारों का फल ही तो है...ऐसे ही बढ़ते रहो सफलता और उन्नति के मार्ग मार्ग पर...

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  18. भाई केवल राम जी आपकी और आपके सत्कर्मों की उम्र बहुत लम्बी हो |जन्मदिन मुबारक हो |

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  19. भाई केवल राम जी आपकी और आपके सत्कर्मों की उम्र बहुत लम्बी हो |जन्मदिन मुबारक हो |

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  20. आपके जन्म दिन पर ढेरों शुभ कामनाएं व आशीष

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  21. जन्मदिन की शुभकामनाएं !

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  22. केवल जी ..जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनाएं..

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  23. केवल कहकर चल दिए, सुन्दर व आभार |

    नहीं चलेगा मित्रवर, ऐसा ही इस बार |


    ऐसा ही इस बार, बड़ा ही शुभ दिन आया |

    चलते-चलते राम, तीसवाँ जनम मनाया |


    मंगल-मंगल काज, बने तू सबका सम्बल |

    सुख-समृद्धि-स्वास्थ, "राम" की कृपा "केवल" ||

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  24. जन्‍मदिन की बहुत-बहुत बधाई के साथ शुभकामनाएं

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  25. केवल जी आपको जन्म दिन की बहुत बहुत शुभकामनाएं । आपकी यह पोस्ट कल के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की जा रही है

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  26. आपकी सुन्दर सार्थक सोच आपको स्वनाम धन्य
    करती हुई लगी.

    जन्मदिन पर जीवन के मकसद को ध्यान रखना
    अति सुन्दर सोच है.

    प्रभु आपके मकसद में आपको कामयाब बनाये यही दुआ और कामना है.

    बहुत बहुत शुभकामनाएँ,केवल भाई.

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  27. चिरायु हों आप.. और परमात्मा आपके जीवन में सुख, समृद्धि और शान्ति की वर्षा करे!! और ब्लॉग जगत में ऐसे ही लिखते रहें और पढते रहें!
    हमारा आशीष!!
    सलिल वर्मा
    चैतन्य आलोक

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  28. जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं ....

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  29. कम से कम आज के दिन तो चलते चलते जलते जलते न चलें :)

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  30. जन्‍मदिन की शुभकामनाएं केवल भाई.....

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  31. जन्मदिन की हार्दिक बधाई केवल राम जी ।

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  32. जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!
    आपके आलेख को आपके ही मुखारविन्द से सुनकर अच्छा लगा!
    अर्चना चावजी का आभार कि उन्होंने आपके स्वर को हमें सुनवाया!

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  33. आपको जन्मदिन की ढेर सारी बधाइयाँ एवं शुभकामनायें! बहुत बढ़िया पोस्ट!

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  34. sabse pahle to janam din ki hardik shubkamna..pahli baar aapke blog pe aana ua..sunil ji ke blog se aap tah pahuncha..behtarin jeewan darshan, hamare shaswat mulyon ki punarsthapna karta hua lekha...sach hai rishta abhasi hi ho per ho pyar ka..aapne ise shiddat se mahsoos kiya..badhayee aaur amantran ke sath

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  35. Happy Birthday...aapke jeevan mein aapaar khushiyan aayein.

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  36. सा स्नेह जन्म दिन की बधाई, प्यार आशीर्वाद,निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढते रहे,,,,,

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  37. सा स्नेह जन्म दिन की बधाई, प्यार आशीर्वाद,निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढते रहे,,,,,

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  38. विलंब से ही सही... जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं

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  39. ब्लॉग पर आने और सुझाव देने का शुक्रिया
    aap ko janm din मुबारक हो
    ram kewal mere एक bhai sahab का भी नाम है
    और चंबा में मेरा एक दोस्त रहता है
    और aap बड़े ही सरल और सीधे जन लगे
    मुलाक़ात करता रहूँगा
    aap भी घूम जाते रहिएगा
    फिर से
    दुआ पे कलाम करता हूँ ख़तम
    तुम जियो हज़ार बरस हर बरस के
    din हों पचास हज़ार
    सुमति
    न्मदिन की शुभकामनाएं व बधाई

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  40. सार्थक चिंतन...
    जन्मदिन की सादर बधाइयां...

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  41. sabse pahle, HAPPY BIRTHDAY TO YOU... :)
    baba re... kya Kewal ji, aaj ke din ke liye bhi itna chintan...???
    khiar koi nahi... :)
    hmmm... badhiya hai...
    aur aapke saath to har koi rahega, kyonki aap khud bhi sabke saath rahte hain... :)
    party abhi baaki hai... :)

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  42. जन्मदिन की बहुत शुभकामनायें!

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  43. जन्मदिन की ढेर सारी बधाई. और देरी से आने के लिए क्षमा.

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  44. केवल जी....
    आपको जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं...!!
    थोड़ी देर से बधाई दे रही हूँ क्योंकि आप ज्यादा दिन तक अपने जन्मदिन का जश्न मनाएं और हम सबको याद करते रहें !!

    ईश्वर आपकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण करे...!!

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  45. देर से ही सही, मेरी ओर से भी जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें! आप हर क्षेत्र में प्रगति करें और ईश्वर की कृपा बनी रहे!

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  46. bahut hi suder andaj
    janmdin ki hardik shubhkamnaye

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  47. देर से आने के लिए क्षमा चाहती हूँ ... बहुत बहुत शुभकामनायें

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  48. 29 वर्ष की उम्र और यह दार्शनिक अंदाज! हम तो उस उम्र में ...उस क्या, इस उम्र में भी, इतनी गहराई से नहीं सोच पाते।
    ..जन्म दिन की ढेर सारी शुभकामनाएँ और आभार कि आपने यह खुशी हम सब से साझा करी और हमें शुभकामनाएँ देने का अवसर प्रदान किया।
    बाबा विश्वनाथ आपको वैसा ही जीवन जीने का अवसर दें जैसा आप जीना चाहते हैं।

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  49. जन्मदिन की शुभकामनाओं के लिए आप सबका तहे दिल से आभारी हूँ ....आपका प्रेम और सहयोग ही तो मुझे हर पल प्रेरित करता है ...आदरणीय अर्चना जी का विशेष रूप से धन्यवाद ..जिन्होंने इस पोस्ट का पॉडकास्ट बनाकर हम सबके लिए पेश किया ...आपकी शुभकामनायें मेरे लिए बहुत मूल्यवान हैं ...आशा है यह प्रेम और सहयोग सारी उम्र बना रहेगा .....!

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  50. देर से ही सही पर आपको जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाये

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  51. janmdin ki hardik subhkaamnayen, shayad ham let aaye.
    lekin fikar ki koi baat nahi,
    der aaye lekin durust aaye...

    is janmdin ke moke par ham kya den aapko uphar,
    duwa hai us khuda se mile aapko khusiyan apaar...
    jai hind jai bharat

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  52. जनम दिन की हार्दिक बधाई ... सार्थक चिंतन ...

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  53. बेनामी19/10/11 5:34 pm

    Janmdin ki Shubhkamnayen . bahut sunder post .

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  54. बेनामी28/1/12 7:13 pm

    The clarity in your post is simply striking and i can assume you are an expert on this subject.

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  55. हालाँकि सूचना और तकनीक के इस दौर में आभासी रिश्तों की बात की जाती है और इसे एक तरह से आभासी दुनिया कहा जाता है . लेकिन मैंने जहाँ तक अनुभव किया मुझे काफी हद तक ऐसा प्रतीत नहीं हुआ . जिस भी व्यक्ति से बात हुई सबने सहयोग और प्रेम की ही बात की .माध्यम कोई भी रहा हो ( टेलीफोन , फेसबुक , ऑरकुट , मेल) आदि . लेकिन मैंने सबको सहयोग देते हुए पाया . इसलिए खुद को बहुत खुशनसीब समझ रहा हूँ . अब तो लगता है कि जीवन का सफर एक नए दौर की तरफ चल पड़ा और यह दौर और यह रिश्ते मुझे जरुर कोई नया मुकाम देंगे . इसी आशा के साथ ....! अब आप सब तो यही कहेंगे न ........ ! bahut khub ji ..janamdin par badhai ho ......wilamb se hi sahi....

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  56. यह जीवन एक यात्रा है जन्म से मृत्यु तक की ,जब जन्म होता है तो बालक तरोता है और सब परिजनों के अधरों पर मुस्कराहट खिल जाती है
    ,और यहीं से प्रारम्भ होता है सफ़र जो समयानुसार अनेक रूप बदलता रहता है ,कहते हैं जीवन एक रंगमंच भी है और हैम सभी इस जीवन के पात्र
    हम जैसा समय होता है अपनी भूमिका में ढाल जाते हैं और निभाते हैं वो चरित्र ,जैसे एक लड़की माँ भी है तो बहिन भी भाभी है तो बुआ भी इसी तरह नेता है डॉ है एनगिनिअर है कलाकार है ,पर हमारी डोरी उस परमपिता के हाथ में है जब तक भूमिका लिखी है पात्र निभाता रहता है और एक दिन पर्दा गिर जाता है खेल खत्म होजाता है साँसें थम जाती हैं पर आत्मा जो इस देह में विराजमान है जुदा होने के बाद भी सदा अमर है अविनाशी है देह परिधान है इस आत्मा का आत्मा चोला बदल लेती है समय आने पर ,सारे गुणों से अलंकृत है यह जीवन प्रेम शांति दया संयम विवेक धैर्य संतोष क्षमा पवित्रता का जीवंत रूप है ये जीवन इसे व्यर्थ नहीं गंवाना है सदा सेवा भाव से समर्पित हो ,खुश रह कर औरों को खुशियां बाँट कर ,सदा निर्मल चित्त निर्माण हेतु सब के प्रति सद्भावना व् शुभकामना को लेकर ही अपना तप करना है इसलिए जीवन मंगलमय हो शुभ हो निरंतर आआगे बढ़ते रहें सभी इन्हीं शुभ आशीष के साथ
    उषा साहिबा

    उत्तर देंहटाएं
  57. यह जीवन एक यात्रा है जन्म से मृत्यु तक की ,जब जन्म होता है तो बालक तरोता है और सब परिजनों के अधरों पर मुस्कराहट खिल जाती है
    ,और यहीं से प्रारम्भ होता है सफ़र जो समयानुसार अनेक रूप बदलता रहता है ,कहते हैं जीवन एक रंगमंच भी है और हैम सभी इस जीवन के पात्र
    हम जैसा समय होता है अपनी भूमिका में ढाल जाते हैं और निभाते हैं वो चरित्र ,जैसे एक लड़की माँ भी है तो बहिन भी भाभी है तो बुआ भी इसी तरह नेता है डॉ है एनगिनिअर है कलाकार है ,पर हमारी डोरी उस परमपिता के हाथ में है जब तक भूमिका लिखी है पात्र निभाता रहता है और एक दिन पर्दा गिर जाता है खेल खत्म होजाता है साँसें थम जाती हैं पर आत्मा जो इस देह में विराजमान है जुदा होने के बाद भी सदा अमर है अविनाशी है देह परिधान है इस आत्मा का आत्मा चोला बदल लेती है समय आने पर ,सारे गुणों से अलंकृत है यह जीवन प्रेम शांति दया संयम विवेक धैर्य संतोष क्षमा पवित्रता का जीवंत रूप है ये जीवन इसे व्यर्थ नहीं गंवाना है सदा सेवा भाव से समर्पित हो ,खुश रह कर औरों को खुशियां बाँट कर ,सदा निर्मल चित्त निर्माण हेतु सब के प्रति सद्भावना व् शुभकामना को लेकर ही अपना तप करना है इसलिए जीवन मंगलमय हो शुभ हो निरंतर आआगे बढ़ते रहें सभी इन्हीं शुभ आशीष के साथ
    उषा साहिबा

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  58. Best Hindi reading website bhannaat.com
    एक लड़के को बहुत गुस्सा आता था। उसके पिता ने उसे कीलों का एक Bag देते हुए कहा कि, “जब भी तुझे गुस्सा आए तो इसमें से एक-एक कील लेकर घर के पीछे जो Wooden Boundary है उसमें जाकर एक कील ठोक देना। Read Full article on... http://www.bhannaat.com/2016/05/word-spoken-in-anger-can-leave-wound.html

    पुलिस Helmet ना पहनने वालों से Free हो तभी तो बाकी कामों पर ध्यान लगाएगी। अब यहाँ एक सवाल उठता है कि, लोग Helmet क्यों नहीं पहनते हैं...? Read Full article on... http://www.bhannaat.com/2016/04/do-you-wear-helmet.html

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  59. दिवस की हार्दिक
    शुभकामनाए

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जब भी आप आओ , मुझे सुझाब जरुर दो.
कुछ कह कर बात ऐसी,मुझे ख्वाब जरुर दो.
ताकि मैं आगे बढ सकूँ........केवल राम.