कदमों के निशां .
जन्म के बाद की
आनिश्चितताएँ
और
जीवन के अंतिम पड़ाव से पहले
सांसों के इस सफ़र में
मेरी जिन्दगी
जिन राहों से गुजरेगी
मुझे तय करना है ....
कि.....
उन राहों पर
मेरे कदमों के निशां
रहेंगे या नहीं ।
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
अंतिम सत्य
जीवन की क्षणभंगुरता

और मृगतृष्णाओं के द्वंद्व के बीच
मेरी 'रूह' हमेशा कहती है
जीवन का अंतिम सत्य
प्रकाश को पाना है ...
बंधन मुक्त हो जाना है .
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
जन्म के बाद की
आनिश्चितताएँ
और
जीवन के अंतिम पड़ाव से पहले
सांसों के इस सफ़र मेंमेरी जिन्दगी
जिन राहों से गुजरेगी
मुझे तय करना है ....
कि.....
उन राहों पर
मेरे कदमों के निशां
रहेंगे या नहीं ।
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
इबादत
वो क्या खाक इबादत
खुदा की करेंगे
जो .....
इंसानों से नफरत
करते हैं .....
और पत्थरों को
खुदा समझ बेठें हैं ।
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
अंतिम सत्य
जीवन की क्षणभंगुरता

और मृगतृष्णाओं के द्वंद्व के बीच
मेरी 'रूह' हमेशा कहती है
जीवन का अंतिम सत्य
प्रकाश को पाना है ...
बंधन मुक्त हो जाना है .
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx