05 जनवरी 2012

हँसते - हँसते

दिल मेरा लूट गये, हँसते-हँसते
पैमाने टूट गयेहँसते-हँसते
पीने का शौक रहा हमें इस कदर
मयखाने छूट गये, हँसते-हँसते
महफ़िल में छाई रही ख़ामोशी
तराने फूट गये, हँसते-हँसते
दूरियाँ मंजूर नहीं मोहब्बत में 
दिवाने रूठ गये, हँसते -हँसते 
शमा जली ही नहीं रात भर
परवाने झूठ हुए, हँसते-हँसते

47 टिप्‍पणियां:

chirag ने कहा…

bahut khoob
shandar kavita
maja aa gaya
haste haste
accha likha raam

Dr. K K Yadav ने कहा…

kewal ji...aap ne bahut satik likha hn...bhut ghaherayi mn le gaye bat,,,,,

दिलबाग विर्क ने कहा…

सुंदर रचना

अमित श्रीवास्तव ने कहा…

vaah..

ham bhi padh gaye hanste hanste...

विशाल ने कहा…

वाह,केवल जी.
महफ़िल को लूट लिया आपने,हँसते हँसते.

मनोज कुमार ने कहा…

लाजवाब!

संध्या शर्मा ने कहा…

सब कुछ कह दिया हँसते-हँसते... शानदार, लाजवाब रचना...

dheerendra ने कहा…

सुंदर!!!!बहुत सुंदर रचना,...
कई बार अनुरोध के बाद भी आप मेरे पोस्ट पर नही आये.....खेर ये आपकी मर्जी है,

WELCOME to new post--जिन्दगीं--

सतीश सक्सेना ने कहा…

पर्स मेरा वो लूट ले गए हँसते हँसते
कुछ अंडे भी टूट गए थे हँसते हँसते !
मुफ्त की दारु कौन पिलाए मुझको साकी
बिना पर्स मयखाने आया हँसते हँसते !

शुभकामनायें आपको !

shikha varshney ने कहा…

अच्छी लगी कविता हँसते हँसते.

ब्लॉ.ललित शर्मा ने कहा…

सुंदर गजल है, काफ़िया ठीक बैठ रहा है।

shilpa mehta ने कहा…

nav varsh kee shubhkaamnaayein ....

Pallavi ने कहा…

क्या बात है आप कविता भी लिखते हैं यह तो मैंने आज ही जाना सुंदर रचना बधाई

सम्वेदना के स्वर ने कहा…

केवल जी,
चलते-चलते से हंसते-हंसते तक का सफर बड़ा ही शानदार है.. शाबाशी इस गज़ल के लिए और दुआ उस हँसी के लिए जो सदा आप पर बनी रहे!!

राजीव तनेजा ने कहा…

अति सुन्दर

Atul Shrivastava ने कहा…

सुंदर रचना।
हंसते हंसते जीवन कट जाए यही दुआ....

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

हम भी पढ़ कर जा रहे हैं हंसते हंसते

संजय कुमार चौरसिया ने कहा…

शानदार, लाजवाब रचना...

वाणी गीत ने कहा…

जाने क्या सोच कर चेहरे बुझ से गये हँसते हँसते !
आँख तो बस यूँ ही भर आई थी हँसते हँसते !

कुमार संतोष ने कहा…

क्या बात है. उम्दा गज़ल. हर शेर पर दाद है.

सदा ने कहा…

वाह ...बहुत खूब ।

ASHA BISHT ने कहा…

behad sundar likha hai..

Patali-The-Village ने कहा…

बहुत सार्थक प्रस्तुति, आभार|

Urmi ने कहा…

आपको एवं आपके परिवार के सभी सदस्य को नये साल की ढेर सारी शुभकामनायें !
बहुत ख़ूबसूरत रचना !

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

बहुत खूब..

Naveen Mani Tripathi ने कहा…

Vah haste haste ak achhi gazal bn gyee ...badhai ke sath hi abhar

Atul Shrivastava ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर भी की गई है। चर्चा में शामिल होकर इसमें शामिल पोस्ट पर नजर डालें और इस मंच को समृद्ध बनाएं.... आपकी एक टिप्पणी मंच में शामिल पोस्ट्स को आकर्षण प्रदान करेगी......

आशा ने कहा…

बहुत खूब लिखा हंसते हंसते |
आशा

M VERMA ने कहा…

बहुत खूब ..

दर्शन कौर 'दर्शी' ने कहा…

शम्मा जली ही नहीं रात भर
परवाने झूठ हुए , हँसते - हँसते---

वाह ! जवाब नहीं आपके हँसाने का ...और मर मिटने का केवल ......
"शम्मा जलती रही रात भर
परवाने मिटते रहे हँसते -हँसते !"

कौशल किशोर ने कहा…

अच्छा लिखा है हँसते हँसते ....
मेरा ब्लॉग विजिट करने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.
http://dilkikashmakash.blogspot.com/

Sawai Singh Rajpurohit ने कहा…

बहुत सुंदर रचना,

Kewal Joshi ने कहा…

शम्मा जली ही नहीं रात भर
परवाने झूठ हुए , हँसते - हँसते.

--सुंदर रचना.

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') ने कहा…

बहुत खूब....
सादर बधाई..

Kailash Sharma ने कहा…

महफ़िल में छाई रही ख़ामोशी
तराने फूट गये , हँसते - हँसते

....बहुत खूब! बहुत सुन्दर प्रस्तुति...

Rakesh Kumar ने कहा…

आना तो नही चाह रहा था
फिर भी आ गया हूँ चलते चलते
अफ़सोस कि आपको समय नही आने का
फुरसत हो तो चले आईयेगा हँसते हँसते.

इस बार आपने बहुत निराश किया है मुझे केवल भाई. नववर्ष की शुरुआत ऐसी तो नही होनी
चाहिये थी.

Udan Tashtari ने कहा…

पढ़ कर चले हम भी, हँसते हँसते...

आनन्द आ गया....

इसको मैने:

शम्मा जली ही नहीं रात भर
परवाने झूठ हुए , हँसते - हँसते

कुछ यूँ पढ़ लिया:

शम्मा जली ही नहीं रात भर
परवाने रुठ गये , हँसते - हँसते

Udan Tashtari ने कहा…

मेरा कमेंट गुम हो गया...हँसते हँसते...

संजय भास्कर ने कहा…

अरे कमाल का लिखा है आज तो…

संजय भास्कर ने कहा…

अरे कमाल का लिखा है आज तो…

प्रेम सरोवर ने कहा…

शम्मा जली ही नहीं रात भर
परवाने झूठ हुए , हँसते - हँसते

बहुत सुंदर, केवल भाई । आपने तो अब आना जाना ही छोड़ दिया । इसलिए मैं ही आपको याद दिलाने के बहाने ही सही आ गया हूँ.। मेरे पोस्ट पर आपका इंतजार रहेगा । नए वर्ष, की अशेष शुभकामनाएं ।. .

sushila ने कहा…

"महफ़िल में छाई रही ख़ामोशी
तराने फूट गये , हँसते - हँसते "

विरोधाभास का सुंदर प्रयोग किया है आपने!

sushma 'आहुति' ने कहा…

बेजोड़ भावाभियक्ति....

Rajput ने कहा…

खुबसूरत रचना के लिए . बधाई

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

जिंदगी गुजार जाए यूँ ही हंसते हंसते ..अच्छी प्रस्तुति

anju(anu) choudhary ने कहा…

आप इस जिंदगी का सच लिख गए
यूँ ही हसंते हसंते

Reena Maurya ने कहा…

बेहतरीन अभिव्यक्ती ...