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29 मार्च 2011

जिन्दगी उनके नाम

83 टिप्‍पणियां:

सोचते - सोचते मुझे शाम हो गयी
यह  जिन्दगी  उनके नाम हो गयी .


बात - बात में सोच रहा था उनके बारे
बात - बात में  उलझन पैदा हो गयी .


संभाले रखा था जिसे मैंने अपने लिए
दौलत वो तमाम उनके नाम हो गयी .


सपना बन कर रह गया उनके बारे सोचना
सामने उनके आते ही , जबान बंद हो गयी .


मेरे गिरते अश्कों का नहीं कोई सानी
मेरी हर निगाह अब बे ईमान हो गयी .


संजोया सपना जिन्हें अपना बनाने का
उन्हीं से केवल  गलतफहमी हो गयी