हमारे जीवन और इस दृश्यमान प्रकृति में संख्याओं का बहुत महत्व है . संख्या के इस चक्कर से कोई भी अछूता नहीं . सृष्टि के प्रारंभ से आज तक हम जो कुछ भी सहेज पाए हैं उसमें सख्या की भूमिका को किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता . दूसरे शब्दों में यह भी कहा जा सकता है कि कई बार किसी चीज की महता का निर्धारण करने में संख्या बहुत महती भूमिका निभाती है . इतिहास के दायरे में जितनी भी चीजें आतीं हैं वह संख्या के बगैर अधूरी हैं . यह भी कह सकते हैं कि इतिहास को जीवंत बनाने में संख्या का बहुत महत्व है . हम देश, काल और समय की गणना संख्या के माध्यम से करते हैं . संख्या को गिनाने के लिए सामान्य तौर पर हमारे पास सिर्फ दस अंक हैं . शून्य से लेकर नौ तक, लेकिन जितनी भी गणना है वह इन दस अंकों में ही समाई है . जिस तरह से संगीत सात सुरों (सा, रे, गा, म, प, ध, नि, स) में समाया है, उसी तरह सृष्टि की सारी गणना इन दस अंकों में समाई है . गणित में हम गणना के लिए कुछ और चिन्हों का प्रयोग भी करते हैं , लेकिन सामान्य तौर पर यही दस अंक पूरी सृष्टि में गणना के लिए मानक के तौर पर प्रयोग किये जाते हैं . हमारे यहाँ पर प्रचलन में जो अंक हैं उनका महत्व सर्वश्रेष्ठ है . सबसे पहली बात तो यह कि यह औच्चारणिक दृष्टि से सबसे शुद्ध हैं . हम इनका जैसा उच्चारण करते हैं वैसे ही इनकी ध्वनि भी निकलती है . सिर्फ ध्वनि ही नहीं हमारी स्वरतंत्रियों में जो कम्पन होता है वह भी इन अंकों के उच्चारण के आधार पर होता है . इन सबकी महता ज्योतिष की गणना करने वाले और भाषा विज्ञान को समझने वाले अधिक बारीकी से जानते हैं .
हमारे यहाँ का जितना भी ज्योतिष है वह इन्हीं संख्याओं के आधार पर आधारित है , और यह बहुत आश्चर्यजनक है कि इन अंकों के माध्यम से हम नवग्रहों और नक्षत्रों की बहुत सटीक गणना करने में सक्षम हुए हैं . हमनें धरती से सूर्य के बीच की दूरी को इन अंकों के माध्यम से जाना , सूर्य की एक किरण को धरती पर पहुँचने के में लगने वाले वक़्त को भी हमने इन्हीं अंकों के माध्यम से जाना . हमने चंद्रमां की दूरी को भी इन अंकों के माध्यम से जाना . साँसों के चलने की प्रक्रिया को भी यह संख्याएं ही इंगित करती हैं , और इस शरीर के सफ़र को भी संख्या के माध्यम से इंगित किया जाता है . संख्या के आधार पर ही हम समय का अंकन करते हैं और यह संख्या ही है जिसके आधार पर हम जड़ और चेतन सत्ता की पहचान करते हैं . आखिर जब संख्या ही नहीं है तो कुछ भी नहीं . जब मैंने इस संख्या की महता के विषय में गहराई से सोचा तो मुझे कोई भी ऐसा पदार्थ इस सृष्टि में नजर नहीं आया जिसका संख्या से कोई लेना देना न हो या जिस पर कोई संख्या लागू न होती हो . यह पूरी सृष्टि संख्याओं के माध्यम से अभिव्यक्त होती है और जब यह विलीन होती है तो तब भी संख्या इससे जुदा नहीं होती . यानि संख्या की महता हर परिस्थति में है .
कई बार संख्याएँ कुछ रोचक सा माहौल पैदा करतीं हैं . जैसे किसी के मोबाईल का नम्बर , गाडी का नम्बर या फिर कहीं कुछ और . पिछले दिनों हमने देखा कि सचिन तेंदुलकर के सौवें 100 शतक के लिए लोग किसी तरह से बेताब थे . एक धावक की जीत में मिनटों और सेकंडों की संख्या कितनी मायने रखती है . इस बात से आप भलीभांति अवगत हैं और एक नेता की जीत के लिए एक वोट कितने मायने रखता है . यह सब संख्याओं का खेल है . जरा गहराई से देखें तो कितनी महत्वपूर्ण है संख्या और कितना रोचक है संख्याओं का संसार . हम जितना डूबेंगे उतना ही पायेंगे संख्याओं के बारे में और जितना खोजेंगे उतना ही कम होगा संख्या को जानना . पिछले दिनों मेरे सामने एक रोचक सी संख्या आई ( 12345 ) . जिसे मैंने आदरणीय ललित शर्मा जी के ब्लॉग ललित डॉट कॉम पर देखा . इनके ब्लॉग पर टिप्पणियों की संख्या 12345 हुई तो एक अद्भुत संख्या बन गयी . एक तरह से हम इसे एक , दो , तीन , चार , पांच ही कहते तो यह संख्या का खंडित रूप होता और इसके कोई मायने नहीं होते और अगर हम दूसरे शब्दों में कहते बारह हजार तीन सो पैंतालीस तो एक बहुत बड़ी संख्या हमारे पास होती . देखिये कितना अद्भुत है संख्याओं का संसार . अब इसी बात को आगे बढ़ाते हैं . इन बारह हजार तीन सो पैंतालीस टिप्पणियों में ललित शर्मा जी के ब्लॉग और उनके लेखन की महता छुपी हुई है . 601 पोस्टों पर बारह हजार तीन सो पैंतालीस टिप्पणियाँ इंगित करती हैं कि इनके पाठक वर्ग का दायरा कितना बड़ा है और संभवतः इस संख्या ने यह भी बता दिया कि कोई एक विषय ही लेखन का विषय नहीं रहा होगा . विषय विविधता , लेखन की निरंतरता , प्रमाणिकता और मौलिकता आदि सभी इस संख्या के माध्यम से इंगित हुए और मेरा मन एक रोमांच से भर गया , और यह भी मेरे लिए आश्चर्यजनक रहा कि इस संख्या तक यह मेरी टिप्पणी के माध्यम से ही पहुंचे थे . यह तो एक उदहारण मात्र है . गहराई में जाकर देखें कितनी महत्वपूर्ण हैं संख्याएं यह बड़ा अद्भुत विषय है और हम संख्याओं के बगैर एक पल भी नहीं जी सकते और एक पल में ही कई तरह की महत्वपूर्ण संख्याएं हमारे जीवन को प्रभावित कर रहीं होती हैं .......!


