उसे
चाहकर भूलना इतना आसान नहीं
मैं उसे भूल जाऊं, इस बात से वो अनजान नहीं
उसकी चाहत में मैंने, देखी नहीं कभी रात
चाँद था वो जमीं पर, मेरा अरमान नहीं
हुई नहीं कभी खता, इश्क में उनके मुझसे
सजा वो इतनी देगा,मन मेरा शैतान नहीं
क्योँ खुदा समझकर उसे मैंने पूजा ?
शख्स था वो मेरे लिए, मेरा भगवान नहीं
बात दिल की दिल से ना आई जुबां तक
प्यार था वो मेरा, इम्तिहान नहीं
लगा ही कभी नहीं कि छोड़ जायेंगे वो मुझे
थी मतलबपरस्ती उनकी, वो मेरा कद्रदान नहीं
इश्क में उनके हमने, खुद को क्या से क्या बना दिया
खिलौना थे हम उनके लिए, हम इंसान नहीं
उन्हें भूलने कि बात सोचकर रह जाते हैं ठगे से
सच्चा है दिल में जज्बा,मेरा मन बेईमान नहीं
मैं उसे भूल जाऊं, इस बात से वो अनजान नहीं
उसकी चाहत में मैंने, देखी नहीं कभी रात
चाँद था वो जमीं पर, मेरा अरमान नहीं
हुई नहीं कभी खता, इश्क में उनके मुझसे
सजा वो इतनी देगा,मन मेरा शैतान नहीं
क्योँ खुदा समझकर उसे मैंने पूजा ?
शख्स था वो मेरे लिए, मेरा भगवान नहीं
बात दिल की दिल से ना आई जुबां तक
प्यार था वो मेरा, इम्तिहान नहीं
लगा ही कभी नहीं कि छोड़ जायेंगे वो मुझे
थी मतलबपरस्ती उनकी, वो मेरा कद्रदान नहीं
इश्क में उनके हमने, खुद को क्या से क्या बना दिया
खिलौना थे हम उनके लिए, हम इंसान नहीं
उन्हें भूलने कि बात सोचकर रह जाते हैं ठगे से
सच्चा है दिल में जज्बा,मेरा मन बेईमान नहीं
