रूठा हूँ तो मनाकर देख लीजियेदूर गर हूँ तुमसे पास बुलाकर देख लीजिये
खफा क्योँ हो तुम, कि हम तुम्हें प्यार नहीं करते

अपनी अदा-ए-इश्क दिखाकर देख लीजिये
कैसे नहीं छाएगा इश्क का खुमार हम परनज़रों के मयखाने में पिलाकर देख लीजिये
हम तुम्हें चाहेंगे अपनी जान से भी ज्यादा

आकर करीब बाँहों में उठाकर देख लीजिये
हम हर पल तुम्हारे ही सपने देखेंगे 'केवल'जरा पलकों कि सेज पर सुलाकर देख लीजिये