30 अगस्त 2011

संसार नहीं होता

अब मुझे और प्यार नहीं होता
अब तेरा इन्तजार नहीं होता

तन्हा रहा हूँ बहुत वक़्त मगर
तन्हाई का पल यादगार नहीं होता

जीने मरने की कसमें खाई हमने 
बिछुड़ने के बाद, यार -यार नहीं होता

कभी तन्हाई में हुई जो बातें तुमसे
बातें- बातें हैं , बातों का संसार नहीं होता 


मुहब्बत भावना ही कुछ ऐसी है 
तेजधार तो है , मगर हथियार नहीं होता

केवल  खुदी को मिटा के, पाया है तुझे 
तुम्हारे मिटने से तो, मेरा संसार नहीं होता

52 टिप्‍पणियां:

अरुण चन्द्र रॉय ने कहा…

कविता नहीं भावों का आवेग...

Dr.Sushila Gupta ने कहा…

केवल खुदी को मिटा के, पाया है तुझे
तुम्हारे मिटने से तो, मेरा संसार नहीं होता

pyar ka anootha ahsas,sach!pyar ka

doosara naam hi jeevan hai..hum

sabhipyar ki anubhuti chahte

hai.chahe wah jis bhi roop me

ho..maan, bhai,bahan,patni,ya

jeevan saathi ke roop me.lekin sab

sadhan sulab pushp-shaiya bhi pyar

ke ahsas ke bina kantakakeerna

lagti hai, sundar bhavpoorna

prastuti ke lie aapko badhai

Ramji.

वन्दना ने कहा…

मुहब्बत भावना ही कुछ ऐसी है
तेजधार तो है , मगर हथियार नहीं होता
बेहद शानदार दिल को छूती गज़ल्।

सदा ने कहा…

वाह ...बहुत बढि़या कहा है आपने ..।

संजय राणा (क्रान्ति विचारक) ने कहा…

वाह भाई एक अच्छी कविता, वो पल भूलाए नहीं भूल सकते हम !

mahendra srivastava ने कहा…

वाह, बहुत सुदर

तन्हा रहा हूँ बहुत वक़्त मगर
तन्हाई का पल यादगार नहीं होता

Amrita Tanmay ने कहा…

बहुत सुन्दर और ख़ूबसूरत एहसास ,अच्छी रचना

रश्मि प्रभा... ने कहा…

मुहब्बत भावना ही कुछ ऐसी है
तेजधार तो है , मगर हथियार नहीं होता ... sach hai

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

गहन भावों को रह रह उभारती कविता।

रविकर ने कहा…

बहुत सुदर ||

संध्या शर्मा ने कहा…

बातें- बातें हैं , बातों का संसार नहीं होता...
सच कहा है सिर्फ बातों से संसार नहीं होता... लेकिन कुछ भी हो प्यार प्यार होता है, यार यार होता है, दिखाई दे ना दे इंतज़ार होता है... बहुत खूबसूरत गज़ल

JHAROKHA ने कहा…

kewal ji
bahut hi shandar prastuti
man ke bhavo ka darpan dikhlati aapki yah rachna waqi kabile tarrif hai.

केवल खुदी को मिटा के, पाया है तुझे
तुम्हारे मिटने से तो, मेरा संसार नहीं होता
ek yatharth kathanv sateek baat
bahut bahut badhi
poonam

संजय भास्कर ने कहा…

इस रचना का तो जवाब नहीं....बहुत ही खूबसूरत

संजय भास्कर ने कहा…

खूबसूरत अहसास को किसी खूबसूरती से एक नज़्म में ढाला है....

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

मुहब्बत भावना ही कुछ ऐसी है
तेजधार तो है , मगर हथियार नहीं होता

बहुत सुंदर और गहरे भाव.

रामराम.

संजय कुमार चौरसिया ने कहा…

सुन्दर अभिव्यक्ति

sushma 'आहुति' ने कहा…

अब मुझे और प्यार नहीं होता
अब तेरा इन्तजार नहीं होता.. acchi rachna...

Saru Singhal ने कहा…

Beautiful and heart touching.

दर्शन कौर' दर्शी ' ने कहा…

जीने मरने की कसमें खाई हमने
बिछुड़ने के बाद, यार -यार नहीं होता


Bahut tej hei ..gazal rupi talavaar mai .

Rachana ने कहा…

sunder bhavon se saji gazal
rachana

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

मुहब्बत भावना ही कुछ ऐसी है
तेजधार तो है , मगर हथियार नहीं होता

बहुत भावपूर्ण रचना

ब्लॉ.ललित शर्मा ने कहा…

बहुत हुयी तन्हाई नेक काम करना चाहिए
तन्हाई को छोड़ के अब घर बसाना चाहिए
भरे पुरे घर आँगन में मुहब्बत का बसेरा हो
शीतल छाँव हो दरख्त ऐसा लगाना चाहिए....:)

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

मुहब्बत भावना ही कुछ ऐसी है
तेजधार तो है , मगर हथियार नहीं होता

wah ...Bahut hi Sunder..

Navin C. Chaturvedi ने कहा…

सुंदर प्रस्तुति

Kailash C Sharma ने कहा…

तन्हा रहा हूँ बहुत वक़्त मगर
तन्हाई का पल यादगार नहीं होता

....बहुत सुन्दर मर्मस्पर्शी प्रस्तुति...

Dr Varsha Singh ने कहा…

केवल खुदी को मिटा के, पाया है तुझे
तुम्हारे मिटने से तो, मेरा संसार नहीं होता

तखल्लुस का बेहतरीन प्रयोग.....

चंद्रमौलेश्वर प्रसाद ने कहा…

क्षमा केवल राम जी... अच्छॆ भाव पर गज़ल के प्रेम में फिट नहीं हो पाए॥

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') ने कहा…

बहुत सुन्दर एहसास.....
सादर...

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) ने कहा…

सीधे सादे सरल शब्दों में भावों को अभिव्यक्त कर अपनी सादगी का परिचय दिया है.
सादगी मन भाई.

vidhya ने कहा…

बहुत सुन्दर --
प्रस्तुति |
बधाई |

Ankur jain ने कहा…

जीने मरने की कसमें खाई हमने
बिछुड़ने के बाद, यार -यार नहीं होता

शानदार प्रस्तुति केवल रामजी...वधाई

मनोज कुमार ने कहा…

मुहब्बत भावना ही कुछ ऐसी है
तेजधार तो है , मगर हथियार नहीं होता
बहुत अच्छा प्रयोग। इस रचना के भाव बहुत अच्छे लगे।

हरकीरत ' हीर' ने कहा…

अब मुझे और प्यार नहीं होता
अब तेरा इन्तजार नहीं होता

अजी नहीं होता तो उठा लाइए न ......

:))

Mirchiya Manch ने कहा…

बहुत सुन्दर

***Punam*** ने कहा…

"जीने मरने की कसमें खाई हमने
बिछुड़ने के बाद,यार-यार नहीं होता "

खूबसूरत गज़ल....

"कसमें खा के भी जो बीच रस्ते में छोड़ जाए
ऐसा शख्स कभी किसी का यार नहीं होता !!"

ZEAL ने कहा…

तन्हा रहा हूँ बहुत वक़्त मगर
तन्हाई का पल यादगार नहीं होता ...

bahut pasand aayi aapki yah rachna.

.

Babli ने कहा…

बहुत ख़ूबसूरत और भावपूर्ण ग़ज़ल! उम्दा प्रस्तुती!
आपको एवं आपके परिवार को गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनायें!
मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
http://seawave-babli.blogspot.com/
http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

Maheshwari kaneri ने कहा…

तन्हा रहा हूँ बहुत वक़्त मगर
तन्हाई का पल यादगार नहीं होता ...भावो कि सुन्दर अभिव्यक्ति.....

Gopal Mishra ने कहा…

Bahut achche ...ye post Keval Ram ke hi keypad se nikal sakti thi...:)

प्रेम सरोवर ने कहा…

कोवल रान जी नमस्कार,
मुहब्बत के लिए कुछ खास दिल मखसूस होते हैं,
ये वो नगमा है जो हर साज पर बजाया नही जाता।।
बहुत ही सुंदर अभिव्यक्ति । धन्यवाद ।

Rakesh Kumar ने कहा…

जीने मरने की कसमें खाई हमने
बिछुड़ने के बाद, यार -यार नहीं होता

कमाल की भावपूर्ण प्रस्तुति है,केवल भाई.
दिल को छूती हुई.

सुशील बाकलीवाल ने कहा…

केवल खुदी को मिटा के, पाया है तुझे
तुम्हारे मिटने से तो, मेरा संसार नहीं होता.

बहुत सुन्दर भावाभिव्यक्ति.

mahendra verma ने कहा…

मुहब्बत भावना ही कुछ ऐसी है
तेजधार तो है, मगर हथियार नहीं होता

केवल खुदी को मिटा के, पाया है तुझे
तुम्हारे मिटने से तो, मेरा संसार नहीं होता

प्रेम तेज धार तो है, तेजवान भी है।

बहुत बढ़िया ग़ज़ल।

विशाल ने कहा…

केवल भाई,
बहुत खूब लिखा है.
दिल से निकली आवाज़ दिल को छू रही है.

आशीष/ ਆਸ਼ੀਸ਼ / ASHISH ने कहा…

प्रेम से ओत-प्रोत समर्पण!
आशीष
--
मैंगो शेक!!!

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…






प्रियवर केवल जी
सस्नेहाभिवादन !

मुहब्बत भावना ही कुछ ऐसी है
तेजधार तो है , मगर हथियार नहीं होता

वाह ! बहुत गहरी बात कही है आपने …

अब तेरा इंतज़ार नहीं होता…
इस पर हीर जी का सुझाव काबिले-तारीफ़ है :)

आपकी यह रचना मैं पढ़ कर गया था … पता नहीं कमेंट के वक़्त कोई हादसा हुआ होगा … आजकल गूगल की बहुत सारी समस्याएं पेश आ रही हैं :(


आपको सपरिवार
बीते हुए हर पर्व-त्यौंहार सहित
आने वाले सभी उत्सवों-मंगलदिवसों के लिए
हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !
- राजेन्द्र स्वर्णकार

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत भावपूर्ण रचना....

प्रतीक माहेश्वरी ने कहा…

बेहतरीन!

krati ने कहा…

उम्दा और बेहद ही खूबसूरत रचना |

बेनामी ने कहा…

मुहब्बत भावना ही कुछ ऐसी है
तेजधार तो है , मगर हथियार नहीं होता

गजल में आपने भावों को बहुत सुन्दरता से संप्रेषित किया है . प्रेम का उत्कृष्ट अनुभूति से जन्मी आपकी यह गजल लाजबाब है .

Pankaj Saini ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
www.sapfullform.com -make sharp mind ने कहा…

apki ye gazal dillll ko chhu gai mere.
ase hi umda gazale app post karte rahia. orh ham padhte rahenge. :)


http://sapfullform.com/personality-development-tips-for-students-in-hindi-language-pdf-download/