04 नवंबर 2010

हार्दिक शुभकामनायें....काश

पिछले दो दिनों से मैं देख रहा हूँ कि हर जगह दीवाली की शुभकामनाओं का सिलसिला अनवरत रूप से चल रहा है। हर कोई अपने परिचित को दीवाली की शुभकामनायें देने में मशगुल हैहोना भी चाहिए, क्योंकि किसी के प्रति अपनापन प्रकट करने के यही तो अवसर होते हैं। मेले और त्यौहार एक स्वस्थ समाज को दिशा देने में बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं।   
मुझे भी काफी सन्देश प्राप्त हुएऔर मैंने भी हरेक सन्देश को काफी चाव से पढ़कर ख़ुशी जाहिर की। परन्तु फिर मैंने थोड़ी सी विश्लेषण की मुद्रा अपनाते हुए शुभकामनाओं के बारे में  सोचना शुरू किया। फिर ऐसे लगा कि जिस शब्द का प्रयोग हम लगभग प्रत्येक शुभ अवसर पर करते हैं, क्या वास्तविकता में हम ऐसा शुभ सोच पाते हैं या नहींकाफी माथापच्ची करने के बाद मेरे सामने कुछ निष्कर्ष निकल आये। उन निष्कर्षों ने मुझे झिंझोड़ कर रख दियाफिर वास्तविकता का एहसास हुआ कि शुभकामना आखिर होती क्या है?
वैसे शुभ सोचनाकहना और करना कोई बुरी बात नहीं है। पर हम ऐसा कर ही कितना पाते हैं। हम शुभ सोच ही कितना पाते हैंयह बात भी सच है कि हमारी जिन्दगी में हमारी सोच का बहुत महत्व हैहमारे कर्म से कहीं बढ़कर। क्योंकि हमारा कर्म हमारी सोच पर आधारित होता है। इसलिए जिन्दगी में सोच कि महता बहुत है। किसी भी कार्य को करने से पहले उसके बारे में एक स्वस्थ सोच रखना अनिवार्य है। क्या शुभकामना के विषय में हम ऐसा कर पाते हैं या नहींकिसी बच्चे के जन्मदिन पर हम उसे क्या उपहार दे सकते हैं (शायद सोच के उपहार के बारे में नहीं सोचा होगा किसी ने, कि किसी बच्चे के जन्मदिन के उपलक्ष पर उसे सोच का उपहार भी दिया जा सकता है) हम उसे उपहार देते हैं खिलोनेया जो कुछ हमारे पास उपलब्ध होता उसे भेंट कर देते हैं। इसके साथ ही शुभकामना के रूप में सिर्फ चंद शब्द ...बस इतना करने के बाद हम अपने फर्ज से इतिश्री समझ बैठते हैं। दीवाली की शुभकामनाओं के सन्दर्भ में भी यही कुछ होता हैहम से जितना बन पता है (औपचारिकता के नाम पर) उतना हम काफी जोशीले अंदाज में किसी दूसरे के सामने प्रस्तुत कर देते हैं। शायद उसके बाद हम कभी नहीं सोचते उस विषय परजब तक की कोई ऐसा अवसर हमारे सामने नहीं आता। बल्कि शुभकामना की आवश्यकता तो हमें जीवन सफ़र के प्रत्येक मोड़ पर पड़ती हैफिर क्यों हम किसी को प्रत्येक दिन शुभकामना नहीं देते?
हर व्यक्ति के जीवन का प्रत्येक पल शुभकामना से भरा हो, व्यवहारिक जीवन में ऐसा कैसे संभव हो सकता है? इस प्रश्न पर गहराई से विचार करने की जरुरत है। एक बच्चे को रोज अपने माँ-बाप की शुभकामनाओं की आवश्यकता होती हैएक दुखी को उसके चाहने वालों की शुभकामनाओं  की आवश्यकता होती हैएक समाज को उसे बचाने वालों की शुभकामनाओं की आवश्यकता होती हैऔर एक राष्ट्र को उस पर कुर्बान होने बालों की शुभकामनाओं की आवश्यकता होती है। और जहाँ पर ऐसा होता है वहां हर रोज ईद होती हैहर रोज होली होती हैहर रोज दीवाली होती है....
कुल मिला कर अगर हमारे जहन में शुभकामनाओं का भाव प्रबल रूप से विद्यमान है तो हमारी शुभकामनायें किसी के जीवन में क्रान्तिकारी परिवर्तन ला सकती हैंऐसा हमें इतिहास में बहुत जगह देखने को मिल जाता है। आज अगर हम वैश्विक परिदृश्य पर नजर डालते हैं तो हमें कामना करनी चाहिए कि इस जहान में बसने वाला हर एक बशर एक सुन्दर सोच लेकर अपने जीवन को व्यतीत करे। ताकि इस धरती पर रहने वाला हर प्राणी पूरी सुख और  शान्ति से रह सके। दिवाली के इस उपलक्ष पर हम भी ऐसा संकल्प (दीये कि भांति) करें कि हम खुद जलकर दूसरों की राह आलोकित कर सके। यही शुभकामना है। इसी शुभकामना के साथ आप सबको दिवाली की हार्दिक शुभकामनायें।

19 टिप्‍पणियां:

  1. Bahut sunder bhav.... aur prabhavi vichar....
    दीप पर्व की हार्दिक शु्भकामनाएं

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  2. बहुत अच्छी प्रस्तुति।
    चिरागों से चिरागों में रोशनी भर दो,
    हरेक के जीवन में हंसी-ख़ुशी भर दो।
    अबके दीवाली पर हो रौशन जहां सारा
    प्रेम-सद्भाव से सबकी ज़िन्दगी भर दो॥
    दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई!
    सादर,
    मनोज कुमार

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  3. बहुत अच्छी प्रस्तुति।
    दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई!

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  4. .

    दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं

    .

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  5. दीपावली का ये पावन त्‍यौहार,
    जीवन में लाए खुशियां अपार।
    लक्ष्‍मी जी विराजें आपके द्वार,
    शुभकामनाएं हमारी करें स्‍वीकार।।

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  6. अब भाई दूज की शुभकामनाएं और बधाई।
    यही तो खूबी है हमारी संस्कृति और परंपराओं में। एक दूसरे से मिलते रहने के अवसर हम ढूंढते रहते हैं।

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  7. बहुत सुन्दर विचार ...दीपावली की हार्दिक शुभ कामनायें...

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  8. ब्‍लॉग्‍स की दुनिया में मैं आपका खैरकदम करता हूं, जो पहले आ गए उनको भी सलाम और जो मेरी तरह देर कर गए उनका भी देर से लेकिन दुरूस्‍त स्‍वागत। मैंने बनाया है रफटफ स्‍टॉक, जहां कुछ काम का है कुछ नाम का पर सब मुफत का और सब लुत्‍फ का, यहां आपको तकनीक की तमाशा भी मिलेगा और अदब की गहराई भी। आइए, देखिए और यह छोटी सी कोशिश अच्‍छी लगे तो आते भी रहिएगा


    http://ruftufstock.blogspot.com/

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  9. आपको एवं आपके परिवार को दिवाली की हार्दिक शुभकामनायें!

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  10. बढ़िया लिखा है आपने..अगर शुभकामनाएँ दिल से दी जाए तो ज़रूर रंग लाती है...बढ़िया प्रस्तुति के लिए बधाई

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  11. इस सुंदर से नए चिट्ठे के साथ हिंदी ब्‍लॉग जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

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  12. लेखन अपने आपमें रचनाधर्मिता का परिचायक है. लिखना जारी रखें, बेशक कोई समर्थन करे या नहीं!
    बिना आलोचना के भी लिखने का मजा नहीं!

    यदि समय हो तो आप निम्न ब्लॉग पर लीक से हटकर एक लेख
    "आपने पुलिस के लिए क्या किया है?"
    पढ़ सकते है.

    http://baasvoice.blogspot.com/
    Thanks.

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  13. बेनामी21/11/11 4:36 pm

    बेहद उम्दा विश्लेषण शुभकामनाओं को समझने का अवसर मिला .....!

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  14. दीपोत्सव पर्व के अवसर पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं ....

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  15. आपकी सोच सच में बहुत अच्छी ,अनोखी ,अद्भुत है.इसे यूँ ही बरकरार रखना .शुभकामनाओ सहित रानी . :)



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जब भी आप आओ , मुझे सुझाब जरुर दो.
कुछ कह कर बात ऐसी,मुझे ख्वाब जरुर दो.
ताकि मैं आगे बढ सकूँ........केवल राम.