09 जनवरी 2012

खुश जमाना रहेगा


उम्मीद है, वक्त यूँ ही सुहाना रहेगा 
हमारी दुआ से खुश जमाना रहेगा 
भुला देना गम जिन्दगी के सब
यही बात आज हर दीवाना कहेगा   
बदल दो सोच सब बदल जाएगा 
आशा में ख़ुशी का खजाना रहेगा
यूँ तो जुदा नहीं है कोई, किसी से 
जब तक है शमा, परवाना रहेगा 

38 टिप्‍पणियां:

  1. यूँ तो जुदा नहीं है कोई , किसी से
    जब तक है शम्मा , परवाना रहेगा
    आज उम्मीदों की शम्मा जला दो
    बस्ती में न कोई घर वीराना रहेगा...
    बेहतरीन भाव संयोजन ..आभार ।

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  2. आज उम्मीदों की शम्मा जला दो
    बस्ती में न कोई घर वीराना रहेगा...

    बहुत खूबसूरत भाव... अपने साथ- साथ सारे जहां को रौशन कर दो वीराना कहीं नहीं रहेगा... हर तरफ आशा और ख़ुशी होगी... सब खुश तो हम खुश... उत्साह जगाती सुन्दर रचना... शुभकामनाएं

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  3. उम्मीदों में ही सही , खुश जमाना रहेगा ...
    खुशनुमा खयाल !

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  4. आज उम्मीदों की शम्मा जला दो
    बस्ती में न कोई घर वीराना रहेगा

    बहुत प्यारा लिखते हो ....
    शुभकामनाएं !

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  5. वाह वाह बहुत सुन्दर भावों को संजोया है।

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  6. नई उम्मीद ...नई सोच ...सही दिशा

    बहुत खूब

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  7. बहुत खूब
    भाव के साथ शिल्प पक्ष भी शानदार
    काफिया - रदीफ का खूबसूरत प्रयोग
    सुंदर रचना के लिए बधाई स्वीकार करें

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  8. बहुत ही सुन्दर, सरल और सादगी भरी गज़ल!!

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  9. आज उम्मीदों की शम्मा जला दो
    बस्ती में न कोई घर वीराना रहेगा

    bahut khoob

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  10. ....काबिलेतारीफ बेहतरीन

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  11. आज उम्मीदों की शम्मा जला दो
    बस्ती में न कोई घर वीराना रहेगा

    ....सकारात्मक सोच लिये बहुत सुन्दर भावाभिव्यक्ति...आभार

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  12. बहुत सटीक लिखा है आपने!
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल मंगलवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

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  13. काश ऐसा ही हो...बहुत ही सुंदर भाव के साथ सुंदर प्रस्तुति.

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  14. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति

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  15. बदल दो सोच सब बदल जाएगा
    आशा में ख़ुशी का खजाना रहेगा ...बढ़िया है

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  16. बेहतरीन उम्‍मीदों के साथ बेहतरीन रचना।

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  17. आज उम्मीदों की शम्मा जला दो
    बस्ती में न कोई घर वीराना रहेगा
    उम्मीदों पर दुनिया कायम है ....

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  18. सुंदर भावो से लिखी सभी के लिये दुआये करती
    आशा जगाति बेहतरीन रचना है...

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  19. दुआ तो यही है कि कोई घर विराना ना रहे पर जब तक कुछ वीरान न हो, महफ़िलों की इज्ज़त नहीं होती..
    ज़िन्दगी है.. २ पहलू हैं.. और हम हैं! :)

    प्यार में फर्क पर आपके विचार ज़रूर दें..

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  20. वाह ....बहुत ही सुन्दर विचार

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  21. बहुत ही सुन्दर और रोचक वर्णन किये हैं .. नव वर्ष की ढेर सारी बधाइयाँ |

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  22. हम ने अपनी सोच बदल दी केवल राम जी:)

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  23. कविता/गजल का भाव जितना मार्मिक है शब्द संयोजन उतना ही सुन्दर. आप जिस विषय पर भी लिखते हैं मन को छू जाता है...... इतना कहना चाहता हूँ कि 'शम्मा' को 'शमा' लिखना ठीक होगा, जिसका अर्थ है मोमबत्ती या दीया.
    बेहतरीन प्रस्तुति के लिए आभार !

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  24. आदरणीय सुबीर रावत जी आपका तहे दिल से धन्यवाद ....इस तरफ ध्यान दिलाने के लिए ....आशा है आपका मार्गदर्शन यूँ ही बना रहेगा ....!

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  25. अच्छी गज़ल बन पड़ी है....आशा रखेंगे तो ज़रूर हल निकलेगा !

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  26. केवल राम जी नमस्ते ..
    उम्मीदों और आशाओं को शब्दों में खूब पिरोया है आपने ..
    मकर सक्रांति पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं .... प्रदीप

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  27. आज उम्मीदों की ज्योति जला दो
    बस्ती में न कोई घर वीराना रहेगा

    आखिर,आपने उम्मीद का दिया जला
    ही दिया मेरे ब्लॉग पर आकर.

    बहुत बहुत आभार,केवल राम जी.

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  28. बहुत अच्छी प्रस्तुति।

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  29. आपकी दुआ मान ली जाये तो बात ही बन जाये।
    कोई लफ़डा ना रहे जमाना खुश रहे।

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  30. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति !

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  31. आशा का दीप जला कर रखिए

    आज तो कमाल का काफ़िया मिलाया है।

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  32. बहुत बढ़िया लिखा है |

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  33. बहुत खूब..
    जाने कैसे आपका ब्लॉग फोलो होना बंद हो गया था..

    शुभकामनाएँ.

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  34. बदल दो सोच सब बदल जाएगा
    आशा में ख़ुशी का खजाना रहेगा

    बहुत खूबसूरत अभिव्यक्ति....

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  35. आज उम्मीदों की ज्योति जला दो
    बस्ती में न कोई घर वीराना रहेगा
    बहुत ख़ूब
    http://savanxxx.blogspot.in

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जब भी आप आओ , मुझे सुझाब जरुर दो.
कुछ कह कर बात ऐसी,मुझे ख्वाब जरुर दो.
ताकि मैं आगे बढ सकूँ........केवल राम.