28 अक्तूबर 2011

मोहब्बत और जुदाई

56 टिप्‍पणियां:
याद 
जब मोहब्बत की
दिल को सोंप दिया तुम्हें , सहज ही
और तब तुमने कहा ......
"बहुत याद आते हो तुम"
एक अजीब सा अहसास हुआ
आज जब जिन्दगी वीरान हो गयी
तुम्हारी याद तडपाती है
तुम तो हमेशा याद  रहते हो
लेकिन ...........!
एक अरसा हो गया
खुद को याद किये .
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जुदाई 

हम और तुम
जब बंध रहे थे
जीवन के उस अप्रतिम रिश्ते में
किसने तोड़ी  वह डोर ??
जिससे हम और तुम बंधे थे
अब जुदा हैं.....
साथ होते हुए भी 
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 मोहब्बत

तन्हाई में 
या भीड़ में
तुम यह ख्याल रखना
जब भी तुम्हारे हांथों की
खनकेगी वह कांच की चूड़ियाँ
समझ लेना
आज भी ...........
बेपनाह मोहब्बत है दिल में
तुम्हारे लिए .                                                    

23 अक्तूबर 2011

यादें और दर्द

50 टिप्‍पणियां:
तन्हाई 

मैंने तन्हाई में
तुम्हें भूलने की कोशिश की
पर जब मैं ......
अचेत अवस्था में तुमसे रूबरू हुआ
तो गहरे में उतरकर मैंने
महसूस किया कि
मेरी रूह हो गयी हो तुम
और .....
तुम्हारी यादें मेरा जीवन !
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राहें 

आज जब जुदा हैं हम
एक - दुसरे को लाख चाहते हुए
जल रहें हैं विरह में
बेइन्तहा मोहब्बत करते हुए
मिलन की आस नहीं ,
और दूर जाना रास नहीं
तो ............!
क्योँ न हम
राधा - कृष्ण हो जाएँ  ?
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निशानी 

मेरे पिछले जन्मदिन पर
जो पैमाना तुमने
मुझे उपहार में दिया था
कल रात जाम पीते वक़्त
वह छलक कर टूट गया
उस टूटे पैमाने के कांच को
सहेजते वक़्त ,
कट गयी मेरी तर्जनी
और रक्त की हर बूंद में
देखा मैंने तुम्हारे प्यार का अक्स
फिर ...उस दर्द भरे घाव पर
नमक घिस कर
मैंने महसूस किया
कि इस दर्द से तो बेहतर है
तुम्हारे दिए हुए दर्द....
तुम्हारे होने की निशानी के लिए  !