28 अक्तूबर 2011

मोहब्बत और जुदाई

याद 
जब मोहब्बत की
दिल को सोंप दिया तुम्हें , सहज ही
और तब तुमने कहा ......
"बहुत याद आते हो तुम"
एक अजीब सा अहसास हुआ
आज जब जिन्दगी वीरान हो गयी
तुम्हारी याद तडपाती है
तुम तो हमेशा याद  रहते हो
लेकिन ...........!
एक अरसा हो गया
खुद को याद किये .
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxx

जुदाई 

हम और तुम
जब बंध रहे थे
जीवन के उस अप्रतिम रिश्ते में
किसने तोड़ी  वह डोर ??
जिससे हम और तुम बंधे थे
अब जुदा हैं.....
साथ होते हुए भी 
xxxxxxxxxxxxxxxx

 मोहब्बत

तन्हाई में 
या भीड़ में
तुम यह ख्याल रखना
जब भी तुम्हारे हांथों की
खनकेगी वह कांच की चूड़ियाँ
समझ लेना
आज भी ...........
बेपनाह मोहब्बत है दिल में
तुम्हारे लिए .                                                    

56 टिप्‍पणियां:

  1. मोहब्बत सच्चे दिल व मन से की जाये तो जुदाई की नौबत ही ना आये।

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  2. वाह तीनों रचनाएं ही बढ़िया हैं.

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  3. मोहब्बत में ऐसी भी हालत पाई जाती है !!!!!!!

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  4. राम राम ! मोहब्बत और जुदाई का अंदाज निराला है आपका,केवल राम जी.

    सीता जी की खोज पूरी हुई क्या ?

    सुन्दर प्रस्तुति के लिए बधाई.

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  5. पावन पर्व सुखद अनुभूति ,आये जीवन में बार-२.....शुक्रिया जी /

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  6. जब मोहब्बत की
    दिल को सोंप दिया तुम्हें , सहज ही
    प्रेम की तस्वीर आपकी क्षणिका मे...बहुत सुंदर

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  7. आज भी ...........
    बेपनाह मोहब्बत है दिल में
    तुम्हारे लिए
    ......क्षणिका दिल को छू रही है ....केवल भाई

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  8. मोहब्बत इक कर्ज़ है ऐसा जो चुकाये बने ना उठाये बने
    तेरी याद इक दर्द है ऐसा जो दबाये बने ना दिखाये बने

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  9. गंभीर कविता.... दिवाली की हार्दिक शुभकामना !

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  10. जब भी तुम्हारे हांथों की
    खनकेगी वह कांच की चूड़ियाँ
    समझ लेना
    आज भी ...........
    बेपनाह मोहब्बत है दिल में
    तुम्हारे लिए

    सभी क्षणिकाएँ बहुत कोमल भाव लिए हुए

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  11. मुहब्बत मर नहीं सकती -सदैव जिन्दा रहती है !
    बधाई
    मेरा ब्लॉग न खुल रहा हो तो अब मेरे नए लिंक का उपयोग करें -

    बालाजी के लिए --www.gorakhnathbalaji.blogspot.com
    OMSAI के लिए-- www.gorakhnathomsai.blogspot.com
    रामजी के लिए --- www.gorakhnathramji.blogspot.com

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  12. बहुत खूब कहा है आपने ... ।

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  13. बहुत सुन्दर "मोहब्बत" जबर्दस्त्त लगी.

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  14. यादों में डूबती उतराती मोहब्बत।

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  15. वाह तीनों रचनाएं बहुत सुंदर हैं
    सुन्दर प्रस्तुति के लिए बधाई.

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  16. समझ लेना
    आज भी ...........
    बेपनाह मोहब्बत है दिल में
    तुम्हारे लिए
    ..........गंभीर जुदाई का अंदाज

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  17. बहुत सुन्दर!
    --
    कल के चर्चा मंच पर, लिंको की है धूम।
    अपने चिट्ठे के लिए, उपवन में लो घूम।

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  18. Very beautiful post, I like the way you divide them into categories...lovely!

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  19. प्यार के लिए,यादे,जुदाई,मोहब्बत,तीनो चीजे जरूरी है
    वरना वो प्यार नहीं कहलाता...जज्बाती रचना..अच्छी पोस्ट....बधाई

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  20. गहरे अहसास।
    'मुहब्‍बत के नसीब में जुदाई लिखते वक्‍त खुदा भी रोया होगा... हम तो फिर भी इंसान हैं...'

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  21. किस रचना के लिए बधाई दूं....

    चलिए....

    सभी के लिए बढ़ाई कुबूल karen....

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  22. बहुत सुन्दर रचना|
    आपको तथा आपके परिवार को दिवाली की शुभ कामनाएं!!!!

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  23. वाह क्या बात है ...बहुत भावपूर्ण रचना.
    कभी समय मिले तो http://akashsingh307.blogspot.com ब्लॉग पर भी अपने एक नज़र डालें .फोलोवर बनकर उत्सावर्धन करें .. धन्यवाद .

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  24. वाह क्या बात है । ब्बहुत सुन्दर। बधाई।

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  25. ज़ामे-मुहब्बत में,छलकती हैं
    रूबाइयां—यादों और जुदाई की.

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  26. बेपनाह मोहब्बत है दिल में
    तुम्हारे लिए . |
    बहुत ही सुन्दर रचना!

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  27. @ जब मोहब्बत की
    दिल को सोंप दिया तुम्हें , सहज ही
    और तब आपने कहा ......

    एक बार तुम एक बार आप .....?
    ये कन्फ्यूज क्यों है राम जी .....

    @ लेकिन ...........!
    एक अरसा हो गया
    खुद को याद किये

    तौबा !
    हम याद दिला दें ....:))

    @ किसने तोड़ी वह डोर ??

    सच्च बताइए .....
    आपने थोड़ी भी न खिंची थी ....:))

    @ समझ लेना
    आज भी ...........
    बेपनाह मोहब्बत है दिल में

    समझ लेगें .....
    मतलब वो समझ लेंगी ......:))

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  28. हम और तुम
    जब बंध रहे थे
    जीवन के उस अप्रतिम रिश्ते में
    किसने तोड़ी वह डोर ??
    जिससे हम और तुम बंधे थे
    अब जुदा हैं.....
    साथ होते हुए भी

    आपके शब्दों के सहारे जीवन की सच्चाई इस प्रस्तुति में उतर आई है।

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  29. केवल जी,
    बहुत खूब.
    मुहब्बत का यह रूप भी अच्छा लगा.
    आपकी कलम के नए तेवरों का बेसब्री से इंतज़ार है.

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  30. मन के भावों की मस्त उड़ान ... यही तो मुहब्बत है ...

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  31. याद, जुदाई, मोहब्बत इन तीनो का अपना अलग रंग और अंदाज़ है, हर किसी का अपना अंदाज़....कहते भी हैं दर्द जब हद से गुज़र जाता है तो दवा बन जाता है... तीनो क्षणिकाएं एक निराले अहसास से भरी हैं...

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  32. आपका पोस्ट अच्छा लगा । .मेरे नए पोस्ट पर आपका इंतजार रहेगा । धन्यवाद ।

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  33. बहुत ही खुबसूरत लिखा है ........
    तीनों रचनाएं ही बढ़िया हैं.....

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  34. mere shabd kam padenge aapke en raachnao ke liye... bahut khoob likha hai aapne

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  35. बहुत निराला अंदाज़ ये मोहब्बत का होता
    है कभी मिलन तो कभी जुदाई..
    लेकिन सब में मज़ा है राम जी ...


    जीवन पुष्प
    www.mknilu.blogspot.com

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  36. सभी क्षणिकाएँ बहुत कोमल भाव लिए हुए|

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  37. सभी रचनाएँ बहुत सुन्दर है! सराहनीय प्रस्तुती!

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  38. .बहुत खुबसूरत अहसा्सो के साथ लिखी सुन्दर रचना..

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  39. जब भी तुम्हारे हांथों की
    खनकेगी वह कांच की चूड़ियाँ
    समझ लेना
    आज भी ...........
    बेपनाह मोहब्बत है दिल में
    तुम्हारे लिए . वाह !!!पर ये सब है किस खुशनसीब के लिए ????

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  40. अब जुदा हैं.....
    साथ होते हुए भी.
    सुन्दर प्रस्तुति के लिए बधाई.

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  41. सच कहा जाय तो जुदाई ही हमे मोहब्बत का सही मायने में अहसास कराती है , मगर हाँ ये जुदाई कुछ पल की हो ...........

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  42. आपकी तीनो रचनाएँ बहुत खूबसूरती से लिखी..बधाई
    मेरे नए पोस्ट स्वागत है....

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  43. आपका पोस्ट अच्छा लगा ।मेरे नए पोस्ट पर आप आमंत्रित हैं । धन्यवाद ।

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  44. इश्वर का अनमोल तोहफा प्रेम और उसका अहसास अलौकिक .........सुंदर प्रस्तुति प्रेम की ही तरह ....

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  45. aapke likhne ka andaaj bha gaya hame...
    subhkaamnayen..
    jai hind jai bharat

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  46. waha bahut khub
    pyar...dard...tanhaahi ka milajula samavesh......umdaa

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जब भी आप आओ , मुझे सुझाब जरुर दो.
कुछ कह कर बात ऐसी,मुझे ख्वाब जरुर दो.
ताकि मैं आगे बढ सकूँ........केवल राम.