16 अक्तूबर 2011

ख्यालों में मत आना

तुमसे  है  मेरी
यही गुजारिश
तुम मेरे ......
ख्यालों में  मत आना .
माना कि मैं हूँ तेरा दिवाना
फिर भी करता हूँ प्रार्थना
तुम मेरे ख्यालों में आकर
मुझे मत सताना .
तुम मेरे लिए अपने हो
पर तुम्हारे लिए मैं हूँ बेगाना .

कभी तुम मेरी
दहलीज पर आकर देखना
कि मैं किस तरह तुम्हारा
इन्तजार करता हूँ .
पर ....तुम्हारे आने की चाह भी तो
मेरा चैन ले जाती है
इसलिए करता हूँ प्रार्थना
तुम मेरे ख्यालों में मत आना

कभी मेरी विनती
के बारे  में सोचकर
तुम यह मत कहना
कि मैं वेवफा हूँ  .
पर ....मुझे पता है
यह ख्याल तुम्हारे दिल में
आएगा नहीं .......
फिर भी तुम खुद से भी मत पूछना
और ना मुझसे कुछ कहना
बस मेरी प्रार्थना को स्वीकर कर
मुझे ..............!
अपनी दुनिया से जुदा करना .

क्योँकि
तुम्हारी दुनिया
मेरी दुनिया से बेशक अलग नहीं
पर अब
जब रास्ते अलग हो गये
तो मंजिल के बारे मत सोचना
इतना मेरी खुशियों का
ख्याल रखना
तुम मेरे ख्यालों में मत आना .
                                                            चलते-चलते

59 टिप्‍पणियां:

रविकर ने कहा…

धन्य-धन्य यह मंच है, धन्य टिप्पणीकार |

सुन्दर प्रस्तुति आप की, चर्चा में इस बार |

सोमवार चर्चा-मंच

http://charchamanch.blogspot.com/

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

प्रेम और समर्पण, साथ साथ।

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

भावमयी गुज़ारिश ..

रचना दीक्षित ने कहा…

इतना मेरी खुशियों का
ख्याल रखना
तुम मेरे ख्यालों में मत आना.

क्या गुजारिश है अद्भुत भाव. बधाई.

डॉ टी एस दराल ने कहा…

जितना चाहोगे रोकना
उतने ही ख़याल आयेंगे ।

बार बार ख्वाबों में आकर
ज़ार ज़ार आपको रुलायेंगे ।

ये इश्क नहीं आसान ।

संजय कुमार चौरसिया ने कहा…

bahut badiya

badhai

विशाल ने कहा…

बहुत मुश्किल है भाई,किसी को ख्यालों में आने से रोकना.
बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति.

केवल जी,जन्म दिन की मुबारक बाद.देर से ही सही.

वन्दना ने कहा…

गुजारिश तो बहुत सुन्दर है मगर क्यो ख्यालो मे आने से भी रोक रहे हो? ……………वैसे प्रेम का ये आयाम भी बहुत पसन्द आया।

दिलबाग विर्क ने कहा…

सुंदर गुजारिश

Ravi Rajbhar ने कहा…

Lovely :):)

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

Bahut sundar si kavita..achhi lagi..badhai.

Maheshwari kaneri ने कहा…

बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति. बधाई.

विशाल ने कहा…

केवल भाई,मैंने तो एक बार ही टिप्पणी की थी.पता नहीं कैसे दस बार हो गयी.लगता है आपका स्नेह दो दूनी चार कर रहा है.

केवल राम : ने कहा…

आदरणीय विशाल जी यह हो जाता है कई बार तकनीकी कारणों से इसलिए चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं ....आपका शुक्रिया

संजय भास्कर ने कहा…

बहुत खूबसूरत अंदाज़......केवल भाई

Amrita Tanmay ने कहा…

प्रेम और समर्पण की भावमयी प्रभावशाली अभिवयक्ति के लिए बहुत बहुत बधाई..

Suresh kumar ने कहा…

बहुत ही खुबसूरत रचना ...

chirag ने कहा…

bahut khoob raam ji

मनोज कुमार ने कहा…

ज़िन्दगी में एक मुकाम कभी-कभी ऐसा आता है जब हम कुछ खास लोगों को भुला देना चाहते हैं, ऐसी ही मनःस्थिति को लेकर लिखी गई यह रचना काफ़ी भावप्रद है।

dheerendra11 ने कहा…

अच्छी प्रस्तुति,बधाई....ईश्वर आपकी गुजारिश जरूर सुनेगा

रजनीश तिवारी ने कहा…

तुम मेरे ख़यालों में मत आना ...भावपूर्ण रचना

"पलाश" ने कहा…

bahad naye anjaad se feeling ko express karne ka way express kiya hai ..
wonderful ......

shikha varshney ने कहा…

तुम्हारी दुनिया
मेरी दुनिया से बेशक अलग नहीं
पर अब
जब रास्ते अलग हो गये
तो मंजिल के बारे मत सोचना
क्या इल्तजा है.बेहद मुश्किल..
भावमयी प्रस्तुति.

Ritu ने कहा…

खूबसूरत कविता

हिन्‍दी गालियों की परिभाषा

Atul Shrivastava ने कहा…

ख्‍यालों में आने को भला कौन रोक सका है....?
बहरहाल बेहतरीन भाव।

NEELKAMAL VAISHNAW ने कहा…

तुमसे है मेरी
यही गुजारिश
तुम मेरे ......
ख्यालों में मत आना .
माना कि मैं हूँ तेरा दिवाना
फिर भी करता हूँ प्रार्थना
तुम मेरे ख्यालों में आकर
मुझे मत सताना .

तुम मेरे लिए अपने हो
पर तुम्हारे लिए मैं हूँ बेगाना .

बहुत ही सुन्दर कविता मन को बहुत भायी आपकी ये लाइनें बधाई हो आपको

sushma 'आहुति' ने कहा…

क्योँकि
तुम्हारी दुनिया
मेरी दुनिया से बेशक अलग नहीं
पर अब
जब रास्ते अलग हो गये
तो मंजिल के बारे मत सोचना
इतना मेरी खुशियों का
ख्याल रखना
तुम मेरे ख्यालों में मत आना ...प्रेम की एक नयी और बेहद खुबसूरत अभिवयक्ति.....

संध्या शर्मा ने कहा…

ख्यालों पर किसी का भी बस नहीं चलता... लेकिन ये ख्याल ही तो हैं जहाँ उन्हें बुलाया जा सकता है कभी न जाने देने के लिए...प्रेम और समर्पण का अद्भुत संयोजन... शुभकामनायें

निवेदिता ने कहा…

अद्भुत भाव. .....

सदा ने कहा…

भावमय करते शब्‍दों का संगम है इस अभिव्‍यक्ति में ।

अरुण चन्द्र रॉय ने कहा…

खूबसूरत कल्पना... ईश्वर करे आपकी गुजारिश पूरी ना हो....

वन्दना अवस्थी दुबे ने कहा…

कभी तुम मेरी
दहलीज पर आकर देखना
कि मैं किस तरह तुम्हारा
इन्तजार करता हूँ .
पर ....तुम्हारे आने की चाह भी तो
मेरा चैन ले जाती है
इसलिए करता हूँ प्रार्थना
तुम मेरे ख्यालों में मत आना
बहुत सुन्दर पंक्तियां.

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') ने कहा…

सुन्दर गुजारिश...
सादर बधाई

vasundhara pandey ने कहा…

bahut sundar....khwabon me mat aana ...ati sundar gujarish...saadar .

kase kahun?by kavita verma ने कहा…

prem ka adbhut andaz..

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " ने कहा…

'तुम मेरे ख्यालों में मत आना'

ह्रदय के उद्गारों की भावपूर्ण ,सहज और सरल प्रस्तुति

संतोष त्रिवेदी ने कहा…

शुभकामनाएँ !

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

बहुत सुंदर...प्रेम को अलग ढंग से परिभाषित करते शब्द ..

Babli ने कहा…

बहुत ख़ूबसूरत और भावपूर्ण प्रस्तुती! बधाई!

Dr. Sanjay ने कहा…

shandaar rachna..

Pallavi ने कहा…

आपकी यह भावनात्मक पोस्ट पढ़कर अच्छा लगा मगर "यह इश्क नहीं आसान बस इतना समझ लीजिये एक आग का दरिया है और डूब के जाना है"
भावनाओं पर किसी का वश नहीं चलता आप चाहे जितना रोक लीजिये खयाल आते हैं और आते रहंगे।

SAJAN.AAWARA ने कहा…

bilkul khayalon me nahi aana ,,,
aate hein wo khawabon me or hamko sone nahi dete,
kyun unke jehan me khwab hamare nahi sajata...
jai hind jai bharat

ASHA BISHT ने कहा…

bahut hi marmsparshi panktiyan.........

NISHA MAHARANA ने कहा…

जब रास्ते अलग हो गये
तो मंजिल के बारे मत सोचना
इतना मेरी खुशियों का
ख्याल रखना
तुम मेरे ख्यालों में मत आना .
बहुत ही बढियाँ गुजारिश। काश ऐसा हो सकता।

दिगम्बर नासवा ने कहा…

आज कुछ दर्द भरी रचना है ... भावनाओं में कुछ उदासी सी नज़र आ रही है ... आशा है सब ठीक होगा ... भावमयी रचना ...

Harsh ने कहा…

bahut khoob.. pahli baar aapke blog par aaya achcha laga...

JHAROKHA ने कहा…

kewal ji
bahut hi sahi.chahat bhi aur manaahi bhi aane se ,kya baat hai.
aapke roke na rukega
khyalo me unka aana
har roj ijaafa hoga isme
aur banega naya afsaana
prem ki bahut hi bhav pravan prastuti shandaar
bahut bahut badhai
poonam

Patali-The-Village ने कहा…

भावमय करते शब्‍दों का संगम है इस अभिव्‍यक्ति में| शुभकामनाएँ|

अनामिका की सदायें ...... ने कहा…

man ko masos kar jo guzarish ki gayi to khud likhnewale ki sthiti dayneey si prateet hoti hai.

sunder prastuti.

amrendra "amar" ने कहा…

Waah.. bahut gahre bhav ukere hain aapne..
Badhai..

KK Yadav ने कहा…

बार-बार उसे याद भी किये जा रहे हैं आप और फिर भी उसे कह रहे हैं की मेरे ख्यालों में मत आना. पहले आप तो अपने ख्यालों से दूर कीजिये उस मोहतरमा को. ..सुन्दर रचना..बधाई.

सतीश सक्सेना ने कहा…

बढ़िया अंदाज़, सुंदर रचना .... !
हार्दिक शुभकामनायें !

संगीता पुरी ने कहा…

क्योँकि
तुम्हारी दुनिया
मेरी दुनिया से बेशक अलग नहीं
पर अब
जब रास्ते अलग हो गये
तो मंजिल के बारे मत सोचना
इतना मेरी खुशियों का
ख्याल रखना
तुम मेरे ख्यालों में मत आना .

बहुत सुंदर अभिव्‍यक्ति !!

देवेन्द्र पाण्डेय ने कहा…

किसी गीतकार ने लिखा है....

कर दिये लो आज गंगा में प्रवाहित
सब तु्म्हारे पत्र सारे चित्र तुम निश्चिंत रहना।

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन ने कहा…

दोस्ती में ऐसे दिन भी आते हैं, जब रास्ते अलग हो जाते हैं. अच्छी रचना!

Prakash Jain ने कहा…

तुम मेरे ख्यालों में मत आना.

sundar....

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बेनामी ने कहा…

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Reena Maurya ने कहा…

आप इतने प्यार से ना आने कि गुजारीश करेंगे तो कोई कैसे खुद को रोक पायेगा ..
बहुत हि अच्छी प्यारभरी रचना है

बेनामी ने कहा…

thanks, enjoyed the article