03 अक्तूबर 2011

साथ निभाया करो


एक ग़ज़ल अपने कॉलेज के दिनों की डायरी से .....ख्यालों -ख्वाबों -सपनों का क्या है ना जाने कब दिल में आ जाएँ और अपना प्रभाव छोड़ कर चले जाएँ , किसी की यादों में, हम सोचते रह जाएँ उनके बारे में कुछ यूँ .....!


नादाँ हूँ बहुत तुम मुझे अपनाया करो
गर हो जाए खता , तुम समझाया करो

प्यार में भला बदलेंगे कैसे नहीं हम
कमियाँ हैं जो जिन्दगी में , बतलाया करो

तुम्हारे पास होने तक ही तो है मेरी दुनिया
गर आये आँख में आंसू , उधार ले जाया करो

मरहम जख्मी दिल को है मिला चंद रोज
शोला गर भड़क उठे ,पानी तुम गिराया करो


आदत है ही नहीं मुझे जाम पीने की

नजरों के पैमाने से पिलाया करो

याद आएगी आपकी यह सूरत जीवन भर
उतरकर  दिल में केवल साथ निभाया करो
                                         यहाँ देखें क्या है "धर्म और अध्यात्म" के वास्तविक मायने

49 टिप्‍पणियां:

जयकृष्ण राय तुषार ने कहा…

भाई केवल राम जी सुन्दर गजल| दशहरा पर्व की शुभकामनाओं के साथ

जयकृष्ण राय तुषार ने कहा…

भाई केवल राम जी सुन्दर गजल| दशहरा पर्व की शुभकामनाओं के साथ

ब्लॉ.ललित शर्मा ने कहा…

@आदत है ही नहीं मुझे जाम पीने की
नजरों के मयखाने में मय पिलाया करो

मंहगी हुई है दारु बहुत
मेरा खर्चा बचाया करो :)

सदा ने कहा…

वाह ...बहुत ही बढि़या ।

संध्या शर्मा ने कहा…

प्यार में भला बदलेंगे कैसे नहीं हम
कमियाँ हैं जो जिन्दगी में , बतलाया करो ...
वाह...लाजवाब रचना... कितने मासूम भाव हैं इस रचना में तारीफ के लिए शब्द कम पड़ गए हैं ...

Deepak Saini ने कहा…

बहुत खूब केवल भाई
बेहतरीन गज़ल

POOJA... ने कहा…

waah ji waah...
bahut dino baad aapki ghazal padhi, jo hamesha ki tarah lajwaab hai...
"kami batlane wale hi to pane hote hain, sahi mayanon mei... "
behtareen...

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बहुत खूबसूरत गज़ल ...

वन्दना ने कहा…

बहुत सुन्दर गज़ल्………

डॉ टी एस दराल ने कहा…

आदत है ही नहीं मुझे जाम पीने की
नजरों के पैमाने से पिलाया करो

बहुत सुन्दर ग़ज़ल लिखी है .
बधाई .

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " ने कहा…

सुन्दर, प्रेमभावों से परिपूर्ण रचना

shikha varshney ने कहा…

उम्दा गज़ल है.

संजय कुमार चौरसिया ने कहा…

बहुत खूब केवल भाई
बेहतरीन गज़ल

वाणी गीत ने कहा…

अच्छी ग़ज़ल!

Atul Shrivastava ने कहा…

सुंदर गजल..........

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

काश, लोगों को यही साथ निभाना ही आ जाये।

Pradeep ने कहा…

केवल जी नमस्ते !
बहुत दिल से लिखा है कविराज ...

रचना दीक्षित ने कहा…

ऐसा हमेशा ही चलता रहे तो जिंदगी का सफर कितना खूबसूरत हो जायेगा. बहुत सुंदर प्रस्तुति.

Rakesh Kumar ने कहा…

वाह! केवल भाई वाह!
उनकी यादों में बहुत कुछ सोचा है आपने.

सुन्दर प्रस्तुति के लिए आभार.

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

वाह बहुत लाजवाब रचना, शुभकामनाएं.

रामराम

चंद्रमौलेश्वर प्रसाद ने कहा…

गोया कालेज के ज़माने से ही अच्छा लिख लेते हैं आप ॥

Patali-The-Village ने कहा…

बहुत सुन्दर गज़ल्| धन्यवाद|

Dr. Ashok palmist blog ने कहा…

लाजबाव गजल कही है
केवल राम भाई आभार!

चला बिहारी ब्लॉगर बनने ने कहा…

केवल राम जी!
गज़ल के फोर्मेट में लिखी यह कविता बड़ी अच्छी लगी!!

Dr Varsha Singh ने कहा…

याद आएगी आपकी यह सूरत जीवन भर
उतरकर दिल में केवल साथ निभाया करो

लाजवाब....

Saru Singhal ने कहा…

Lovely...It's beautifully written Ram:)
Saru

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर भी की गई है!
अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

sushma 'आहुति' ने कहा…

प्यार में भला बदलेंगे कैसे नहीं हम
कमियाँ हैं जो जिन्दगी में , बतलाया करो.. sundar gazal...

sushma 'आहुति' ने कहा…

प्यार में भला बदलेंगे कैसे नहीं हम
कमियाँ हैं जो जिन्दगी में , बतलाया करो.. sundar gazal...

chirag ने कहा…

sundar yaar
very nice
college ke dino se hi expert the tum to yaar

केवल राम : ने कहा…

@@sundar yaar
very nice
college ke dino se hi expert the tum to yaar

क्या करें भाई किसी पर नजर पड़ गयी थी लेकिन वह हमारी प्रेरणा बन गयी ..मिलना तो कभी उनसे हुआ नहीं लेकिन डायरी में संजो कर रख दिया उन यादों को, आज भी जो रह - रह कर दिल को सालती हैं....बाकी क्या कहूँ ....! हा....हा..हा..हा..!

विरेन्द्र सिंह चौहान ने कहा…

तुम्हारे पास होने तक ही तो है मेरी दुनिया
गर आये आँख में आंसू , उधार ले जाया करो

बहुत खूब! बधाई स्वीकारें!

सुबीर रावत ने कहा…

लगता है कालेज में खूब गज़लें लिखी और सुनाई..... भाई, अब क्या हो गया?... अब भी लिखो न.

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

तुम्हारे पास होने तक ही तो है मेरी दुनिया
गर आये आँख में आंसू , उधार ले जाया करो

Khoob...Behtreen Gazal...

Suresh kumar ने कहा…

आपने बहुत ही खुबसूरत ग़ज़ल लिखी है | कॉलेज की कोई और ग़ज़ल हो तो वो भी लिख डालो, इंतजार रहेगा |
........धन्यवाद् .......

दिगम्बर नासवा ने कहा…

वाह ... लाजवाब बात लिखी है ... और कालेज के दिनों की हो तो पता नहीं कितनी यादें साथ चली आती हैं ...

पी.एस .भाकुनी ने कहा…

कुछ तकनिकी समस्याएं
और कुछ वक़्त की बंदिशें ,
आना होता है
हर बार बिलम्ब से मुझे,..........
केवल जी ! आपको स: परिवार विजय दशमी की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करता हूँ ,और बचपन की उपरोक्त रचना हेतु आभार ..........

LAXMI NARAYAN LAHARE ने कहा…

सुन्दर भाव ... हार्दिक बधाई ..

विशाल ने कहा…

'प्यार में भला बदलेंगे कैसे नहीं हम
कमियाँ हैं जो जिन्दगी में,बतलाया करो'

बहुत खूब ,केवल भाई.
यही तो जीवन का फलसफा है.

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') ने कहा…

वाह! सुन्दर रचना....
सादर बधाई..

प्रतीक माहेश्वरी ने कहा…

केवल भाई के पुराने पन्नों की प्रेम... आशा है कि अभी भी उतनी ही तारो-ताज़ा होगी!

आभार

दिलबाग विर्क ने कहा…

आपकी पोस्ट आज के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
कृपया पधारें
चर्चा मंच 659,चर्चाकार-दिलबाग विर्क

Patali-The-Village ने कहा…

दशहरा पर्व की सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएँ|

NEELKAMAL VAISHNAW ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुती केवल जी बधाई हो आपको आपका लेख भी पढ़ा मैंने दशहरे के बारे में जो आपने लिखा था नवभारत अखबार में आपको कटिंग भी मैंने मेल करी थी लक्ष्मी जी के आई डी से शायद आपको मिल गयी होगी
आप सभी को दीपोत्सव(दीपावली) की अग्रिम शुभकामनाएं....
सभी मित्रों से अनुरोध है की अब मेरा ब्लाग फेसबुक पर भी है कृपया जरुर अनुसरण करे अगर आपको मेरा ब्लाग पसंद हो तो जरुर लाइक करें(फालो मी)लिंक नीचे है
मित्र-मधुर परिवार
MADHUR VAANI
MITRA-MADHUR

Babli ने कहा…

बहुत बढ़िया लिखा है आपने ! बेहतरीन प्रस्तुती!
आपको एवं आपके परिवार को दशहरे की हार्दिक बधाइयाँ एवं शुभकामनायें !

केवल राम : ने कहा…

आदरणीय NEELKAMAL VAISHNAW जी
और LAXMI NARAYAN LAHARE जी आपका तहे दिल से आभारी हूँ ..आपने मुझे मेरे लेख की कटिंग मेल की .....! आशा है आपका सहयोग मुझे यूँ ही मिलता रहेगा .....!

B.S .Gurjar ने कहा…

प्यार में भला बदलेंगे कैसे नहीं हम
कमियाँ हैं जो जिन्दगी में , बतलाया करो ...keval raam jee.....bahut sundar ,rachana .....

Amrita Tanmay ने कहा…

अंदाज़े-गजल बहुत खूब रही.. वाह !

SAJAN.AAWARA ने कहा…

मरहम जख्मी दिल को है मिला चंद रोज
शोला गर भड़क उठे ,पानी तुम गिराया करो

आदत है ही नहीं मुझे जाम पीने की
नजरों के पैमाने से पिलाया करो

behtreen laajwaab
peeni ho kabhi to hamse kaha karo,
un na kisi se tum fariyad kiya karo

jai hind jai bharat