21 दिसंबर 2010

अनुभूति और सत्य

कदमों के निशां .
जन्म के बाद की
आनिश्चितताएँ
और
जीवन के अंतिम पड़ाव से पहले
सांसों के इस सफ़र में
मेरी जिन्दगी
जिन राहों से गुजरेगी
मुझे तय करना है ....
कि.....
उन राहों पर
मेरे कदमों के निशां
रहेंगे या नहीं ।
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx




इबादत
वो क्या खाक इबादत
खुदा की करेंगे
जो .....
इंसानों से नफरत
करते हैं .....
और पत्थरों को
खुदा समझ बेठें हैं ।
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx



अंतिम सत्य
जीवन की क्षणभंगुरता

और मृगतृष्णाओं के द्वंद्व के बीच
मेरी 'रूह' हमेशा कहती है
जीवन का अंतिम सत्य
प्रकाश को पाना है ...
बंधन मुक्त हो जाना है .
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx

55 टिप्‍पणियां:

  1. मेरी 'रूह' हमेशा कहती है
    जीवन का अंतिम सत्य
    प्रकाश को पाना है ...
    बंधन मुक्त हो जाना है .
    ..
    बहुत खून केवल भाई. आते ही सिक्सर मारा दिया

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  2. वो क्या खाक इबादत
    खुदा कि करेंगे
    जो .....
    इंसानों से नफरत
    करते हैं .....
    और पत्थरों को
    खुदा समझ बेठें हैं ...

    बहुत खूब ... सच है ... यूँ तो हर इंसान में खुदा का अंश होता है ....

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  3. आप चाहें
    न चाहें
    निशां तो रहेंगे
    निशा होगी तो
    दिखाई न देंगे
    उजाला होगा
    तो देख लेंगे सब।
    गिरीश बिल्‍लौरे और अविनाश वाचस्‍पति की वीडियो बातचीत

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  4. jeevan ka antim satya praksh ko pana hai...lekin kya ye praksh mil paya hai...:)


    teeno kshhanikayen ek se badh kar ek...

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  5. teeno kshanikayen prerak aur bhavpoorn hain.
    jeevan ki sachchai evam jeevan darshan ....

    उत्तर देंहटाएं
  6. जन्म के बाद की
    आनिश्चितताएँ
    और
    जीवन के अंतिम पड़ाव से पहले
    सांसों के इस सफ़र में
    मेरी जिन्दगी
    जिन राहों से गुजरेगी
    मुझे तय करना है ....
    कि.....
    उन राहों पर
    मेरे कदमों के निशां
    रहेंगे या नहीं ।
    ab kya kahun main...kitni achchi lagi aapki chanikayen...aaj aapse pahli mulakaat hai...par ummeed hai ab roj milenge...dhanyawad.

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  7. अध्यात्म का टच। सुंदर अभिव्यक्ति।

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  8. सभी बहुत बेहतरीन क्षणिकाएं हैं।बधाई स्वीकारें।

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  9. बहुत ही भावपूर्ण रचना ... बधाई केवलराम जी ...

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  10. तीनों क्षणिकाएं उत्कृष्ट लेखन का नमूना हैं...बहुत अच्छा लगा

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  11. बहुत ही सुंदर रूप सें प्रस्तुत की गयी ...प्रभावशाली क्षणिकाएं हैं.

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  12. एक को क्या कहूँ, तीनो ही बेहतरीन हैं ..

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  13. मेरी जिन्दगी
    जिन राहों से गुजरेगी
    मुझे तय करना है ....
    कि.....
    उन राहों पर
    मेरे कदमों के निशां
    रहेंगे या नहीं ।
    .........अत्यंत सुन्दर अभिव्यक्ति..

    उत्तर देंहटाएं
  14. केवल जी तीनो क्षणिकाये बहुत ही सुंदर तथा गहरे भावों से परिपूर्ण है..............
    सृजन शिखर पर --इंतजार

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  15. ये क्षणिकाएं ज़िन्दगी के सच की आध्यात्मिक अभिव्यक्ति है।

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  16. इबादत
    वो क्या खाक इबादत
    खुदा की करेंगे
    जो .....
    इंसानों से नफरत
    करते हैं .....
    और पत्थरों को
    खुदा समझ बेठें हैं ।
    bahut badhiyaa

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  17. आदर्श जीवन का मानदंड दिखा दिया आपने... यदि कोई इन मानदंडों को छू भी जाए तो जीवन सार्थक हुआ!!
    केवल राम जी! बहुत सुन्दर क्षणिकाएं!!

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  18. जीवन की सत्यता से परिचय कराती क्षणिकाएं.. अच्छा लगा पढ़कर..

    उत्तर देंहटाएं
  19. जीवन की सत्यता से परिचय कराती क्षणिकाएं.. अच्छा लगा पढ़कर..

    उत्तर देंहटाएं
  20. जीवन की सत्यता से परिचय कराती क्षणिकाएं.. अच्छा लगा पढ़कर..

    उत्तर देंहटाएं
  21. मुझे तय करना है ....
    कि.....
    उन राहों पर
    मेरे कदमों के निशां
    रहेंगे या नहीं ...

    सही कहा आपने। अपने भाग्य-विधाता हम अपने कर्मों द्वारा ही बनते हैं।

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  22. कदमों के निशां तो जीते जी ही मिटा दिए जाते हैं बंधु :)

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  23. वाह केवल जी तीनो क्षणिकायें बहुत ही सुंदर ओर गहरे भाव लिये हे, आप का धन्यवाद

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  24. बहुत ही सुंदर क्षणिकाएं हैं | गागर में सागर भर दी है |

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  25. बहुत ही खुबसूरत विचार पड़कर बहुत अच्छा लगा दोस्त !

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  26. तीनो क्षणिकाये बहुत अच्छी लगी लेकिन ये ---
    वो क्या खाक इबादत
    खुदा की करेंगे
    जो .....
    इंसानों से नफरत
    करते हैं .....
    और पत्थरों को
    खुदा समझ बेठें हैं ।
    आज के समय के लिये बहुत अच्छा सन्देश देती है। आप अपने कदमों के निशाँ जरूर बना कर जायेंगे। आशीर्वाद।

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  27. वो क्या खाक इबादत
    खुदा की करेंगे
    जो .....
    इंसानों से नफरत
    करते हैं .....
    और पत्थरों को
    खुदा समझ बेठें हैं ।

    ati sundar, ati sundar...bahut-bahut vadhai

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  28. शब्द और भाव का अद्भुत साम्य लिए हैं क्षणिकाएँ

    उत्तर देंहटाएं
  29. वो क्या खाक इबादत
    खुदा कि करेंगे
    जो .....
    इंसानों से नफरत
    करते हैं .....
    और पत्थरों को
    खुदा समझ बेठें हैं
    बेहतरीन पंक्तियाँ ....बहुत खूब.

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  30. आपकी क्षणिकाएं केवल क्षण भर के लिए ही नहीं वरन हर क्षण गूंजता रहता है . आप यूँ ही लिखते रहें ..हमारी शुभकामनायें ....nmay.amrita

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  31. इबादत
    वो क्या खाक इबादत
    खुदा की करेंगे
    जो .....
    इंसानों से नफरत
    करते हैं .....
    और पत्थरों को
    खुदा समझ बेठें हैं ।

    बहुत ही अच्छी क्षणिकाएं..सभी एक से बढ़कर एक

    उत्तर देंहटाएं
  32. मेरी 'रूह' हमेशा कहती है
    जीवन का अंतिम सत्य
    प्रकाश को पाना है ...
    बंधन मुक्त हो जाना है
    bahut khoob.

    वो क्या खाक इबादत
    खुदा कि करेंगे
    जो .....
    इंसानों से नफरत
    करते हैं .....
    और पत्थरों को..sashakt lekhan

    खुदा समझ बेठें हैं ...

    उत्तर देंहटाएं
  33. काश लोग समझ पाते भग्वान पत्थर मे नही इंसा के दिल मे बसता है , और इंसान को दुखी करना ईश्वर को दुख देने जैसा होता है

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  34. सभी बहुत बेहतरीन क्षणिकाएं ,बधाई.....

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  35. जिंदगी के महान फलसफे को
    बयान करती हुई
    सच्ची और सार्थक क्षणिकाएं

    उत्तर देंहटाएं
  36. वो क्या खाक इबादत
    खुदा की करेंगे
    जो .....
    इंसानों से नफरत
    करते हैं .....
    और पत्थरों को
    खुदा समझ बेठें हैं ।
    ... laajawaab ... behatreen rachanaa ... badhaai !!!

    उत्तर देंहटाएं
  37. वो क्या खाक इबादत
    खुदा की करेंगे
    जो .....
    इंसानों से नफरत
    करते हैं .....
    और पत्थरों को
    खुदा समझ बेठें हैं ।
    kitni sahajta se kitni badi baat ... sukshm nazariyaa

    उत्तर देंहटाएं
  38. सुन्दर क्षणिकाएं ... जीवन और भक्ति के बारे में आपने सत्य कहा है !

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  39. मेरी 'रूह' हमेशा कहती है
    जीवन का अंतिम सत्य
    प्रकाश को पाना है ...
    बंधन मुक्त हो जाना है .

    ...सभी क्षणिकाएं सुंदर है!...बधाई!

    उत्तर देंहटाएं
  40. वो क्या खाक इबादत
    खुदा की करेंगे
    जो....
    इंसानों से नफरत
    करते हैं ....
    और पत्थरों को
    खुदा समझ बेठें हैं ।

    इंसानों से नफरत और पत्थरों को ख़ुदा...
    वाह, क्या गहरी बात कही है आपने...जवाब नहीं...

    तीनों ही कविताएं बहुत अच्छी हैं..
    ..शुभकामनाएं।

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  41. वो क्या खाक इबादत
    खुदा की करेंगे
    जो .....
    इंसानों से नफरत
    करते हैं .....
    और पत्थरों को
    खुदा समझ बेठें हैं ।
    bahut badhiya abhivyakti...

    उत्तर देंहटाएं
  42. सभी बहुत बेहतरीन क्षणिकाएं हैं।बधाई|

    उत्तर देंहटाएं
  43. केवल जी आपकी तीनों रचनाएं जीवन के मायने बतातीं हैं। पहली और दूसरी रचना ने मुझे काफी प्रभावित किया। तीसरी भी उत्तम थी।

    उत्तर देंहटाएं
  44. केवल जी आपकी तीनों रचनाएं जीवन के मायने बतातीं हैं। पहली और दूसरी रचना ने मुझे काफी प्रभावित किया। तीसरी भी उत्तम थी।

    उत्तर देंहटाएं
  45. हर बात एकदम सटीक...
    बोले तो... direct dil se...
    मुझे "क़दमों के निशान" सबसे अच्छी लगी...

    उत्तर देंहटाएं
  46. वो क्या खाक इबादत
    खुदा कि करेंगे
    जो .....
    इंसानों से नफरत
    करते हैं .....
    और पत्थरों को
    खुदा समझ बेठें हैं ...

    बहुत सच कहा है आपने इन पंक्तियों में ...बधाई ।

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  47. मैं ब्‍लॉगि‍ग की दुनि‍या में नहीं ज्‍यादा पुरानी
    ,
    समझ रही हूं, सीख रही हूं,

    पहचान रही हूं, ढूंढ रही हूं
    अपनों से लोगों को और
    मजा ले रही हूं इस नयी दु‍नि‍या का...
    बहुत मजा आया आपके ब्‍लॉग पर पहुंच कर...
    धन्‍यवाद....

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  48. मुझे तय करना है ....
    कि.....
    उन राहों पर
    मेरे कदमों के निशां
    रहेंगे या नहीं ।
    सुन्दर है.
    मन को साफ रक्खें,लोग ख़ुद आपके क़दमों के निशान ढूंढते चले आएंगे.
    तीनों क्षणिकाएं अच्छी हैं

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  49. जीवन की क्षणभंगुरता
    और मृगतृष्णाओं के द्वंद्व के बीच
    मेरी 'रूह' हमेशा कहती है
    जीवन का अंतिम सत्य
    प्रकाश को पाना है ...
    बंधन मुक्त हो जाना है .

    फिर भी हम मृगतृष्णाओं से मुक्त नहीं हो पाते .....

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  50. आप के ब्लोग पर आ कर हर्षित हुआ ! आप रुहानी अंदाज़ में लिखते हैं ! कलम में दम है ! मैं आप को फ़ोल्लोव कर रहा हूं ! मेरे ब्लोग पर भी आएं !

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  51. केवल राम जी,
    मेरी नजर में आप तो छा गए गुरू। बहुत ही सुंदर। मेरा आशीष आपके साथ है।

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  52. क्रिसमस की शांति उल्लास और मेलप्रेम के
    आशीषमय उजास से
    आलोकित हो जीवन की हर दिशा
    क्रिसमस के आनंद से सुवासित हो
    जीवन का हर पथ.

    आपको सपरिवार क्रिसमस की ढेरों शुभ कामनाएं

    सादर
    डोरोथी

    उत्तर देंहटाएं
  53. 'कदमों के निशाँ' बेहतरीन कृति है...इंशाल्लाह बनेंगे और रहेंगे भी...

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  54. जीवन का अंतिम सत्य
    प्रकाश को पाना है ...
    बंधन मुक्त हो जाना है .
    xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
    ya aapne sahee kaha.........fir bhi

    jane kyun1 badhati jati manav man ki

    mrigtrishna. THANKS.

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जब भी आप आओ , मुझे सुझाब जरुर दो.
कुछ कह कर बात ऐसी,मुझे ख्वाब जरुर दो.
ताकि मैं आगे बढ सकूँ........केवल राम.