09 मार्च 2011

नजरें तुम पर

आज नजरें तुम पर तमाम हैं जमाने की
मालूम उन्हें है, तू शम्मा है परवाने की

कायल भला कौन ना होगा तेरी अदाओं का
आदत है ही जो तुम्हें मुस्कराने की

आसमान से बिजलियाँ सी गिरती हैं तब
चेहरे पर झलक जब दिखती है शर्माने की

खामोश होकर जब तुम चुपी साध लेती हो
मदभरी आँखों से झलक दिखती है मयखाने की

दिल यादों का मंजर है किस -किस तरह याद करूँ
बस मेरी तो तबियत हो गयी है, गज़लें सुनाने की

प्यार, इश्क और मोहब्बत यह तूने समझाया
हर आशिक नहीं सहेगा , तुम्हारी कला सताने की

107 टिप्‍पणियां:

Manpreet Kaur ने कहा…

wah wah wah.. bouth he aacha post kiya hai aapne ram ji. keep it up
visit my blog plz
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cmpershad ने कहा…

बस मेरी तो तबियत हो गयी है, गज़लें सुनाने की

और मेरी नीयत बदल गयी है, गज़लें चुराने की :)

Kailash C Sharma ने कहा…

बहुत खूब...सुन्दर गज़ल

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

प्रेम की सुन्दर फुहार।

सतीश सक्सेना ने कहा…

बहुत खूब ! शुभकामनायें !

नीरज जाट जी ने कहा…

चुभन जब भी होगी दिल सिहर सा उठेगा
हसीनों को है ही आदत "केवल" रुलाने की.
क्या बात है! मस्त!
और हां, रोते रोते हंसना सीखो...

संजय कुमार चौरसिया ने कहा…

bahut khoob , janab

ek se badkar ek paktiyan , sundar ati sundar

रश्मि प्रभा... ने कहा…

दिल यादों का मंजर है किस -किस तरह याद करूँ
बस मेरी तो तबियत हो गयी है, गज़लें सुनाने की
bahut khoob

ZEAL ने कहा…

प्यार, इश्क और मोहब्बत यह तूने समझाया
हर आशिक नहीं सहेगा , तुम्हारी कला सताने की

वाह ! बेहतरीन !

.

mahendra verma ने कहा…

आसमान से बिजलियाँ सी गिरती हैं तब
चेहरे पर झलक जब दिखती है शर्माने की

वाह, क्या कहने...
प्रेममयी भावनाओं को सुंदरता से अभिव्यक्त करती बेहतरीन ग़ज़ल।

Deepak Saini ने कहा…

बहुत खूब...सुन्दर गज़ल

Patali-The-Village ने कहा…

बहुत खूब! बेहतरीन गज़ल| धन्यवाद|

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

बहुत सुंदर, शुभकामनाएं.

रामराम

Kunwar Kusumesh ने कहा…

वाह,
लगता है कुछ कर गुजरोगे.
ऐसे ही तुम ना सुधरोगे.
हा हा हा ........,खूब है.

JAGDISH BALI ने कहा…

Absolutely Superb.

सुबीर रावत ने कहा…

अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है ग़ज़ल. और आपने ग़ज़ल में शब्दों को सुन्दर प्रयोग किया है. आभार.
शुभकामनाओं सहित

Rajesh Kumar 'Nachiketa' ने कहा…

क्या श्रृंगार लिखा है भाई साहब....मस्त....

Atul Shrivastava ने कहा…

केवज जी बहुत खूब।
दिल को छू लेने वाली गजल पेश की आपने।
तारीफ में क्‍या कहूं एक शेर याद आ रहा है, वही कह देता हूं,
' इश्‍क है तो शिकायत न कीजिए,
और शिकवे हों तो मुहब्‍बत न कीजिए।'
शुभकामनाएं आपको।

sandhya ने कहा…

दिल यादों का मंजर है किस -किस तरह याद करूँ
बस मेरी तो तबियत हो गयी है, गज़लें सुनाने की

अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है ग़ज़ल. और आपने ग़ज़ल में अपने दिल में छुपे भावों को एक बेहतरीन और सुलझे हुए सुन्दर रूप में प्रस्तुत किया है.. तो यादों को सजाते रहिये यूँ ही शानदार ग़ज़लों के रूप में ..

प्यार, इश्क और मोहब्बत यह तूने समझाया
हर आशिक नहीं सहेगा , तुम्हारी कला सताने की..

पर जो इस कला को सहने की ताकत रखता है , वही तो इतना कुछ समझ सकता है.. बहुत गहरे भाव लिए एक प्यारी सी ग़ज़ल.. आभार

मनोज कुमार ने कहा…

क्या बात है!!
आज तो दिल खोल कर रख दिया है।
सुंदर रचना।

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

प्रेम की सुंदर अभिव्यक्ति....

सुशील बाकलीवाल ने कहा…

मनभावन गजलें. शानदार अभिव्यक्ति...

chirag ने कहा…

kya bat hain
bahut khoob

राज भाटिय़ा ने कहा…

कायल भला कौन ना होगा तेरी अदाओं का
आदत है ही जो तुम्हें मुस्कराने की
वाह जी क्या बात हे, बहुत खुब, धन्यवाद

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बहुत खूबसूरत गज़ल ...

रचना दीक्षित ने कहा…

चुभन जब भी होगी दिल सिहर सा उठेगा
हसीनों को है ही आदत "केवल" रुलाने की.

बहुत खूब, सुन्दर गज़ल.

मुसाफिर क्या बेईमान ने कहा…

चुभन जब भी होगी दिल सिहर सा उठेगा
हसीनों को है ही आदत "केवल" रुलाने की.
इक कशिश है छुपी हुई इस चुभन मे, साथ मे करहाते है केवल के

Rahul Singh ने कहा…

हंसी आ जाए, हसीनों की ऐसी आदत को आपने रेखांकित किया है.

shekhar suman ने कहा…

बहुत ही खुबसूरत रचना....

यशवन्त माथुर ने कहा…

बहुत बढ़िया!

ललित शर्मा ने कहा…

वाह वाह वाह! मतलब मामला कुछ आगे बढा है।
उम्दा गजल वहीं से निकल कर आ रही है :)

Dilbag Virk ने कहा…

mere khyal se yah gazal ke niymon par khri nhin utregi
meri tarh aap bhi ise " agazal " vidha ka nam den

bhav paksh se yah ati sunder rachna hai aur nizi roop se main bhav paksh ka hi smarthak hoon

गिरधारी खंकरियाल ने कहा…

ऐसा प्रतीत होता है केवल को बहुत सताया है हसीनो ने , जरा संभल के ! बहुत सुंदर

सदा ने कहा…

वाह ....बहुत खूब ...बेहतरीन प्रस्‍त‍ुति ।

Rakesh Kumar ने कहा…

"हसीनों को है ही आदत "केवल" रुलाने की."
केवल राम जी ये आदत तो अब लगता है आपने भी सीख ली है.अपना बना के दूर क्यों हो ?

वन्दना ने कहा…

केवल राम जी गज़ब कर दिया……………बहुत ही शानदार गज़ल लिखी है हर शेर खूबसूरत है।

अरुण चन्द्र रॉय ने कहा…

बहुत भावुक और मस्त कर देने वाली कविता/गीत/ग़ज़ल... अति सुन्दर !

"पलाश" ने कहा…

after a long i read such a nice GAJAL.
maza aa gayaa ..

G.N.SHAW ने कहा…

बहुत सुन्दर लगे.! बहुत - बहुत बधाई.

भावुक ..धन्यवाद..

एस.एम.मासूम ने कहा…

खामोश होकर जब तुम चुपी साध लेती हो
मदभरी आँखों से झलक दिखती है मयखाने की
.
वाह केवल जी क्या बात है पुरानी यादों मैं पहुंचा दिया.
वो भी क्या दिन हुआ करते थे

***Punam*** ने कहा…

केवलजी....

क्या खूब ग़ज़ल कही है आपने !!
पूरे दिल से लिखी गई मोहब्बत भरी ग़ज़ल....
लेकिन फिर भी....



"कभी वो प्यार करते हैं ,

कभी इज़हार करते हैं....

मगर न जाने क्यूँ फिर

शिकायत भी बार-बार करते हैं !! "

आशा ने कहा…

बहुत अच्छी लगी यह गजल |
बधाई
आशा

अभिन्न ने कहा…

आपका मेरे ब्लॉग पर पदार्पण करने ओर हौसला अफजाई के लिए बहुत बहुत शुक्रिया ....
आप के ब्लॉग पर आके मै तो दंग रह गया ज़नाब इतने उम्दा ओर अव्वल दर्जे का लिखते हो सिखने ओर समझने को तो हमें भी मिलेगा यहाँ से :

खामोश होकर जब तुम चुपी साध लेती हो
मदभरी आँखों से झलक दिखती है मयखाने की/-
बहुत खुबसूरत शेर लिखे हैं ,,,बधाई कबूल कीजियेगा

sagebob ने कहा…

बहुत खूब केवल भाई,

दिल यादों का मंजर है किस -किस तरह याद करूँ
बस मेरी तो तबियत हो गयी है, गज़लें सुनाने की

जब ग़ज़ल उतरने लगे
समझो इश्क आस पास है
जब नज़्म चलने लगे
समझो इश्क आस पास है.

सलाम.

Babli ने कहा…

मैं पिछले कुछ महीनों से ज़रूरी काम में व्यस्त थी इसलिए लिखने का वक़्त नहीं मिला और आपके ब्लॉग पर नहीं आ सकी!
बहुत ख़ूबसूरत ग़ज़ल लिखा है आपने ! बेहतरीन प्रस्तुती!

udaya veer singh ने कहा…

priya ram ji
naskar ,
bas tabiyat ho gayi -----
sundar abhivyakti ,shukhad anubhutiyon ke sath dil ki gaharayiyon ko chhuti huyi.
shukrya .

पी.एस .भाकुनी ने कहा…

'चलते-चलते' यूँ ही कोई मिल गया था ..........इसीलिए विलम्ब से आना हुआ , जिसका मुझे खेद है ,बहरहाल -
खामोश होकर जब तुम चुपी साध लेती हो
मदभरी आँखों से झलक दिखती है मयखाने की........
सुंदर प्रस्तुति हेतु आभार ......................

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

हर शेर दिल को छू जाने वाला है। बधाई।

---------
पैरों तले जमीन खिसक जाए!
क्या इससे मर्दानगी कम हो जाती है ?

दिगम्बर नासवा ने कहा…

खामोश होकर जब तुम चुपी साध लेती हो
मदभरी आँखों से झलक दिखती है मयखाने की

केवल जी ... बहुत अच्छे भाव सॅंजो कर लाए है इस ग़ज़ल में .. शेर भी लाजवाब बन गये हैं ...
मज़ा आया पढ़ कर ...

नरेश सिह राठौड़ ने कहा…

बहुत सुन्दर !

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…

प्रिय केवल राम जी
सस्नेह अभिवादन !

नज़रें तुम पर … केवलराम ज़माने भर की ! हा हाऽऽ ह …

भई कहते भी हैं न
अच्छी सूरत भी क्या बुरी शै है
जिसने डाली नज़र बुरी डाली


अच्छा लिखा है बंधु !
चुभन जब भी होगी दिल सिहर सा उठेगा
हसीनों को है ही आदत "केवल" रुलाने की


यहां केवल के एक साथ दो दो अर्थ देने के कारण अलंकार की सहज उत्पत्ति हुई है …

हार्दिक बधाई !

मंगलकामनाएं !!

♥होली की अग्रिम शुभकामनाएं !!!♥


- राजेन्द्र स्वर्णकार

निर्मला कपिला ने कहा…

कायल भला कौन ना होगा तेरी अदाओं का
आदत है ही जो तुम्हें मुस्कराने की
वाह बेटा मुस्कान देख कर ही फिदा हो जाते हो? तभी तो रोना पडता है। अच्छी रचना। आशीर्वाद।

VIJUY RONJAN ने कहा…

Kewal ji.Namaskar.
Gazal sunane ka man jab bhi kare to likh daliye...
hamein sun ne ki aadat hai...palkon se phool chun ne ki aadat hai.

bahut achha .badhayi.

Dr (Miss) Sharad Singh ने कहा…

दिल यादों का मंजर है किस -किस तरह याद करूँ
बस मेरी तो तबियत हो गयी है, गज़लें सुनाने की.

वाह क्या बात है ......
बहुत सुन्दर ....
पूरी ग़ज़ल उम्दा है !

हरकीरत ' हीर' ने कहा…

दिल यादों का मंजर है किस -किस तरह याद करूँबस मेरी तो तबियत हो गयी है, गज़लें सुनाने की

बधाई ....
इस याद की .....

जैसे मर्जी याद करें .....):

Aditya Tikku ने कहा…

achi hai -- itna sa anurosh hai bhavo ko shabdo mai piroye - na ki shabdo ko bhavo mai

संजय भास्कर ने कहा…

वाह ! बेहतरीन ...बहुत खूब केवल भाई

संजय भास्कर ने कहा…

केवज जी बहुत खूब।
दिल को छू लेने वाली गजल
बहुत पसन्द आया
हमें भी पढवाने के लिये हार्दिक धन्यवाद
बहुत देर से पहुँच पाया ..........माफी चाहता हूँ

lokendra singh rajput ने कहा…

केवल जी सिर्फ इतना ही कहूँगा... कि आनंद आ गया.....

Dr Varsha Singh ने कहा…

हर शे‘र में आपका निराला अंदाज झलक रहा है
......बहुत खूबसूरत गज़ल ...शुक्रिया !

ज्योति सिंह ने कहा…

दिल यादों का मंजर है किस -किस तरह याद करूँ
बस मेरी तो तबियत हो गयी है, गज़लें सुनाने की

प्यार, इश्क और मोहब्बत यह तूने समझाया
हर आशिक नहीं सहेगा , तुम्हारी कला सताने की
bahut khoobsurat .

Dr. Ashok palmist blog ने कहा…

वाह ! केवल राम भाई आपका गजल कहने का अंदाज मुख़्तलिफ है । कितनी मासूमियत और सहजता से आप अपनी बात कह जाते है । बहुत प्यारी गजल है । आभार जी ।

"दो पल ना रूके वो हमेँ मुदद्तोँ से इंतजार था.........गजल "

POOJA... ने कहा…

वाह वाह....
क्या अदा है मोहब्बत जताने की...
अब जरूरत क्या है आँखों या जुबान से बताने की...

रचना दीक्षित ने कहा…

चुभन जब भी होगी दिल सिहर सा उठेगा
हसीनों को है ही आदत "केवल" रुलाने की.

क्या बात है, क्या शेर गढे है आपने ने कि नीयत ही खराब हो जाये. प्रेम रस में सराबोर नज़्म. बेहतेरीन और बधाई.

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " ने कहा…

'दिल यादों का मंज़र है किस-किस तरह याद करूँ
बस मेरी तबियत हो गयी है , गज़लें सुनाने की |

वाह भाई केवलराम जी , बहुत मस्त शेर

kavyanjali-krati ने कहा…

khoobsorat, behad khoobsorat.

ashish ने कहा…

चुभन जब भी होगी दिल सिहर सा उठेगा
हसीनों को है ही आदत "केवल" रुलाने की.

प्रेम अभिव्यक्त हुआ सुन्दर ग़ज़ल के माध्यम से .

daanish ने कहा…

दिल यादों का मंजर है किस -किस तरह याद करूँ
बस मेरी तो तबियत हो गयी है, गज़लें सुनाने की

aapki yahi tbiyat hame raas aane waali hai janaab..
hamei dher-si gazaleiN jo sun`ne ko
mil paaeNgi...
ek achhee rachnaa ke liye mubarakbaad

arti jha ने कहा…

tum muskurate na ye baat hoti
na milti nigahe ya halat ye hoti..
kavi khubsurat na itne the sapne
na ye chand jalta na ye raat hoti..
mujhe khair kismat ne laya kaha pe
na milte to kaise mulakat hotiiiiiiiiiii.....raam ji bhut khub likhte hai aap...good bless u...plz join me...

नीरज बसलियाल ने कहा…

खूबसूरत...

Babli ने कहा…

आपकी टिपण्णी और उत्साहवर्धन के लिए बहुत बहुत शुक्रिया!

मदन शर्मा ने कहा…

बहुत खूबसूरत गज़ल ...शुक्रिया !

अनामिका की सदायें ...... ने कहा…

waah ji kya baat hai.

दर्शन कौर धनोए ने कहा…

अजी आप किस दुनिया में रहते है --

हसीनो को आदत नही है रुलाने की
उन्हें तो बेचेनी है आपका घर बसने की !

RAJEEV KUMAR KULSHRESTHA ने कहा…

केवलराम जी आपको होली की शुभकामनायें ।
कृपया इसी टिप्पणी के प्रोफ़ायल से मेरा ब्लाग
सत्यकीखोज देखें ।

muskan ने कहा…

आपको एवं आपके परिवार को होली की हार्दिक शुभकामनायें!

Priyankaabhilaashi ने कहा…

सुंदर चित्रण..!!

Ramesh Sharma ने कहा…

bas yoo samajh aaee ki ek aag kaa darya se aur doob ke jaanaa se....

Minakshi Pant ने कहा…

sundar rachna
होली वही जो स्वाधीनता की आन बन जाये
होली वही जो गणतंत्रता की शान बन जाये
भरो पिचकारियों में पानी ऐसे तीन रंगों का
जो कपड़ो पर गिरे तो हिंदुस्तान बन जाये
होली की हार्दिक शुभकामनाये

आचार्य परशुराम राय ने कहा…

बहुत ही प्यारी ग़जल लिखी है आपने। साधुवाद।

मुकेश कुमार तिवारी ने कहा…

केवल जी,

आपकी शोध के विषय में जानकर बड़ी खुशी हुई, आप जल्दी से ब्लॉग साहित्य के डॉक्टर बन जाये, गाहे-बगाहे रिफ्रेशर्स की जरूरत सभी को होगी।

प्रस्तुत गज़ल की तारीफ में बस इतना ही कि......गुनगुना कर देखा बहुत भायी।

सादर,

मुकेश कुमार तिवारी

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

होली के पर्व की अशेष मंगल कामनाएं। ईश्वर से यही कामना है कि यह पर्व आपके मन के अवगुणों को जला कर भस्म कर जाए और आपके जीवन में खुशियों के रंग बिखराए।
आइए इस शुभ अवसर पर वृक्षों को असामयिक मौत से बचाएं तथा अनजाने में होने वाले पाप से लोगों को अवगत कराएं।

पी.एस .भाकुनी ने कहा…

होली पर मैं आपको तथा परिवार के लिए मंगल कामनाएं करता हूँ !

sandhya ने कहा…

रंगपर्व होली पर आपको व आपके परिवार को असीम शुभकामनायें......

संतोष त्रिवेदी ने कहा…

उनका शरमा जाना ही क़यामत की निशानी है !
बचे रहो,अभी तो बाक़ी ज़िन्दगानी है !

Coral ने कहा…

बहुत खूब

होली की हार्दिक शुभकामनायें।
http://rimjhim2010.blogspot.com/2011/03/blog-post_19.html

उपेन्द्र ' उपेन ' ने कहा…

प्यार, इश्क और मोहब्बत यह तूने समझायाहर आशिक नहीं सहेगा , तुम्हारी कला सताने की
चुभन जब भी होगी दिल सिहर सा उठेगाहसीनों को है ही आदत "केवल" रुलाने की.
.
केवल जी , बहुत ही अच्छी प्रस्तुति.... होली की हार्दिक शुभकामनायें

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

रंगों के पावन पर्व होली के शुभ अवसर पर आपको और आपके परिवारजनों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई ...

Deepak Saini ने कहा…

होली की शुभकामनायें।

nivedita ने कहा…

अच्छी लगी आपकी गज़ल ,बधाई ....
रंग-पर्व होली की आपको सपरिवार शुभकामनायें....

Patali-The-Village ने कहा…

होली पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएँ|

क्षितिजा .... ने कहा…

आपको सपरिवार होली की हार्दिक शुभकामनाएं

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…

प्रिय केवलराम जी

रंग भरा स्नेह भरा अभिवादन !

लीजिए दुबारा आ गए हैं …

आपको सपरिवार होली की हार्दिक बधाई !


♥ होली की शुभकामनाएं ! मंगलकामनाएं !♥

होली ऐसी खेलिए , प्रेम का हो विस्तार !
मरुथल मन में बह उठे शीतल जल की धार !!


- राजेन्द्र स्वर्णकार

दिगम्बर नासवा ने कहा…

आपको और समस्त परिवार को होली की हार्दिक बधाई और मंगल कामनाएँ ....

वन्दना अवस्थी दुबे ने कहा…

रंग-पर्व पर हार्दिक बधाई.

Dorothy ने कहा…

नेह और अपनेपन के
इंद्रधनुषी रंगों से सजी होली
उमंग और उल्लास का गुलाल
हमारे जीवनों मे उंडेल दे.

आप को सपरिवार होली की ढेरों शुभकामनाएं.
सादर
डोरोथी.

Sawai SIingh Rajpurohit ने कहा…

रंग के त्यौहार में
सभी रंगों की हो भरमार
ढेर सारी खुशियों से भरा हो आपका संसार
यही दुआ है हमारी भगवान से हर बार।

आपको और आपके परिवार को होली की खुब सारी शुभकामनाये इसी दुआ के साथ आपके व आपके परिवार के साथ सभी के लिए सुखदायक, मंगलकारी व आन्नददायक हो। आपकी सारी इच्छाएं पूर्ण हो व सपनों को साकार करें। आप जिस भी क्षेत्र में कदम बढ़ाएं, सफलता आपके कदम चूम......

होली की खुब सारी शुभकामनाये........

सुगना फाऊंडेशन-मेघ्लासिया जोधपुर,"एक्टिवे लाइफ"और"आज का आगरा" बलोग की ओर से होली की खुब सारी हार्दिक शुभकामनाएँ..

ज्योति सिंह ने कहा…

holi ki dhero badhai aapko .

अल्पना वर्मा ने कहा…

बहुत ही खूबसूरत गज़ल कही है आप ने केवल .

शुक्रिया होली पर्व की शुभकामनाओं हेतु .

आप को भी इस रंग पर्व की शुभकामनाएँ.

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" ने कहा…

बहुत सुन्दर रचना !
आपको होली की शुभकामनायें !

एस.एम.मासूम ने कहा…

खामोश होकर जब तुम चुपी साध लेती हो
मदभरी आँखों से झलक दिखती है मयखाने की
.
आज होली के दिन और भी मज़ा आया पढने का.

baabusha ने कहा…

आसमान से बिजलियाँ सी गिरती हैं तब
चेहरे पर झलक जब दिखती है शर्माने की!
badi aashiqaana gazal hai miyaan !
bahot khoob 1 achha laga parh ke !

Dr.Sushila Gupta ने कहा…

respected Ramji,aap really Ram hi hai,
kitane achche vichar hai aapke......god bless u.

Amrita Tanmay ने कहा…

Behtreen....umda gajal...shubhkamna

राज चौहान ने कहा…

....खूबसूरत गज़ल केवल जी

संजय भास्कर ने कहा…

चुभन जब भी होगी दिल सिहर सा उठेगा
हसीनों को है ही आदत "केवल" रुलाने की.

...........लाजवाब हम तो पढ़ के यूँ ही गुनगुनाये है !!!!

Sunita Sharma ने कहा…

आसमान से बिजलियाँ सी गिरती हैं तब
चेहरे पर झलक जब दिखती है शर्माने की

खामोश होकर जब तुम चुपी साध लेती हो
मदभरी आँखों से झलक दिखती है मयखाने की

दिल यादों का मंजर है किस -किस तरह याद करूँ
बस मेरी तो तबियत हो गयी है, गज़लें सुनाने की

वाह ..सीधी दिल से निकली बात ......गजल बन कर .......आ गई ..........सच्चे भाव की इस खुबसुरत रचना के लिए आपको दिल से बधाई हो , केवल जी ..