21 दिसंबर 2010

अनुभूति और सत्य

55 टिप्‍पणियां:
कदमों के निशां .
जन्म के बाद की
आनिश्चितताएँ
और
जीवन के अंतिम पड़ाव से पहले
सांसों के इस सफ़र में
मेरी जिन्दगी
जिन राहों से गुजरेगी
मुझे तय करना है ....
कि.....
उन राहों पर
मेरे कदमों के निशां
रहेंगे या नहीं ।
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इबादत
वो क्या खाक इबादत
खुदा की करेंगे
जो .....
इंसानों से नफरत
करते हैं .....
और पत्थरों को
खुदा समझ बेठें हैं ।
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अंतिम सत्य
जीवन की क्षणभंगुरता

और मृगतृष्णाओं के द्वंद्व के बीच
मेरी 'रूह' हमेशा कहती है
जीवन का अंतिम सत्य
प्रकाश को पाना है ...
बंधन मुक्त हो जाना है .
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11 दिसंबर 2010

चलो मयखाने में

52 टिप्‍पणियां:

एक बार मेरे अनुरोध पर
तुम चलो मयखाने में
फिर देखना .......
क्या मजा आता है,
पीने और पिलाने में ।

वहां ना कोई साजिश
ना कोई भेदभाव
ना कोई नफरत की दीवार
जितनी पीयेंगे
उतना खुमार ,उतना प्यार ।

.. इस नफरत की दुनिया की चीजों से
तो बेहतर है, मेरे दोस्तो...!
मयखाने का शराब और सिगार
तुम चलो मेरे अनुरोध पर एक बार ।

वहां हम ना जाति की बात करेंगे
ना होगा भाषा की भिन्नता पर विचार
ना होगी सीमाओं की बातें
ना नफरत,ना तकरार...
मेरे मयखाने की मेज पर
तुम नजर टिकाना, एक बार
उसकी चमकीली तह तुम्हें बता देगी
समता...को समझता है समझदार
उसके चारों तरफ की कुर्सियां ,
कर देंगी मिलकर रहने का इजहार ।

तुम मयखाने में
बेशक खूब मत पीना
ना ही पिलाना
बस एक बार
तुम महसूस करना
मयखाने का संसार

07 दिसंबर 2010

एक दिन जिन्दगी

67 टिप्‍पणियां:
(कभी जिन्दगी और इसके मंतव्य के बारे में सोचता हूँ तो खुद को अजीब सी स्थिति में पाता हूँ ..और फिर सोचता हूँ कुछ इस तरह ......

एक दिन जिन्दगी हमसे यूँ ही रूठ जाएगी
सवालात होंगे सब खत्म, सिर्फ बातें ही रह जाएगी

तुम जिन्दगी में कभी, फूलों की तमन्ना ना करना
फूलों की तमन्ना से, काँटों की अहमियत बढ़ जाएगी

खुदा का नायाब तोहफा हो तुम दुनिया के लिए
दुःख दुनिया को देने से, कीमत तुम्हारी कम हो जाएगी

दुनिया के लिए कुछ न कर सको तो इतना कर देना
तुम्हारी निष्काम दुआ, किसी के चेहरे को मुस्काएगी


लाख कोशिश करें हम खुद को छुपाने की
बदलते चेहरे पर, असलियत सामने आ जाएगी

मैं देता हूँ नसीहत तुमको, खुद को "खुदा" बनाने की
सब में केवल "खुदा" को देखो, तुम्हें खुदाई मिल जाएगी