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08 मार्च 2016
एक ऐसा विश्व जहाँ सिर्फ इनसान रहते हों
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पहचानों के दायरे में सिमटता इनसान संभवतः अपनी वास्तविक पहचान को भूल गया है. ऐसा कौन सा समय रहा होगा जब मनुष्य ने खुद को मनुष्य के रूप में ...
3 टिप्पणियां:
08 जून 2012
दुआ का एक लफ्ज, और वर्षों की इबादत...4
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गतांक से आगे...!!! मनुष्य जब भौतिक चीजों से उपर उठकर सिर्फ और सिर्फ ईश्वर को पाने के लिए प्रार्थना करता है तो उसकी प्रार्थना उसे आनंद द...
25 टिप्पणियां:
11 दिसंबर 2010
चलो मयखाने में
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एक बार मेरे अनुरोध पर तुम चलो मयखाने में फिर देखना ....... क्या मजा आता है , पीने और पिलाने में । वहां ना कोई साजिश ना कोई भेदभा...
52 टिप्पणियां:
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