1. अंतिम बार
जब तुमने
अंतिम बार
मेरे कमरे की
दहलीज से
बाहर जाते वक़्त
मेरे सिर पर
हाथ फेरते हुए
कहा था ....
कि
तुम सिर्फ मेरे लिए
और
मैं सिर्फ ...
तुम्हारे लिए
तब मुझे लगा था
मोहब्बत किसी , इबादत से कम नहीं ।
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2 . अंतिम पहर
ज्यों अंतिम पहर के बाद
सुबह होती है
सूरज चढ़ता है
मुझे आभास है
मेरे जीवन के
अंतिम पहर के
बाद...
मुझे नया जीवन मिलेगा .
xxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
3 . सांसे
रिस रही हैं
सांसें
मुट्ठी में बंद
रेत की तरह
पर मुझे
भ्रम है ...कि
मेरी मुट्ठी में
अभी रेत बाकी है .
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जब तुमने
अंतिम बार
मेरे कमरे की
दहलीज से
बाहर जाते वक़्त
मेरे सिर पर
हाथ फेरते हुए
कहा था ....
कितुम सिर्फ मेरे लिए
और
मैं सिर्फ ...
तुम्हारे लिए
तब मुझे लगा था
मोहब्बत किसी , इबादत से कम नहीं ।
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2 . अंतिम पहर
ज्यों अंतिम पहर के बाद
सुबह होती है
सूरज चढ़ता हैमुझे आभास है
मेरे जीवन के
अंतिम पहर के
बाद...
मुझे नया जीवन मिलेगा .
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3 . सांसे
रिस रही हैं
सांसें
मुट्ठी में बंद
रेत की तरह
पर मुझेभ्रम है ...कि
मेरी मुट्ठी में
अभी रेत बाकी है .
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