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भाषा
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17 नवंबर 2016
प्रकृति-मनुष्य और शिक्षा की भाषा...4
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गत अंक से आगे .....आम जनमानस बोली में ही अपने भावों को अभिव्यक्त करने की कोशिश करता है, उसके जीवन का हर पहलू बोली के माध्यम से बड़ी खूबसूरत...
11 नवंबर 2016
प्रकृति-मनुष्य और शिक्षा की भाषा...3
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गत अंक से आगे .....मनुष्य जीवन की प्रारम्भिक अवस्था में अपने परिवेश से शब्दों के उच्चारण सीखता है. अधिकतर यह देखा गया है कि बच्चा सबसे पहल...
1 टिप्पणी:
06 नवंबर 2016
प्रकृति-मनुष्य और शिक्षा की भाषा...2
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गत अंक से आगे ...भावों की अभिव्यक्ति के लिए मनुष्य ही नहीं, बल्कि जीव जन्तु भी कुछ ध्वनि संकेतों का प्रयोग करते हैं. हालाँकि हम उनके ध्वनि...
1 टिप्पणी:
01 नवंबर 2016
प्रकृति-मनुष्य और शिक्षा की भाषा...1
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इस ब्रह्माण्ड को जब हम समझने का प्रयास करते हैं तो हम यह पाते हैं कि इसकी गति निश्चित है. जितनी भी जड़ और चेतन प्रकृति है वह अपनी समय और सी...
07 फ़रवरी 2014
भाषा और व्यक्तित्व...2
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यह भी एक सच है कि व्यक्ति जीवन में चाहे जितनी भाषाओँ की जानकारी हासिल कर ले , उन्हें सीख ले , लेकिन जो सोचने और समझने की प्रक्रिया है वह ...
3 टिप्पणियां:
04 फ़रवरी 2014
भाषा और व्यक्तित्व...1
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अपने आस-पास ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में नजर दौड़ाकर देखता हूँ तो सम्पूर्ण क्रियाएं मुझे शब्दों की ही अभिव्यक्ति लगती हैं. लेकिन इससे और आग...
5 टिप्पणियां:
08 फ़रवरी 2013
पुस्तकें और पाठक .. 1
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सं वाद स्थापित करना प्राणी की अनिवार्य और महत्वपूर्ण आवश्यकता है. अगर हम यह कल्पना करें कि जब संवाद स्थापित करने के साधन नहीं थे तो जीव...
11 टिप्पणियां:
29 अप्रैल 2012
'बाबा' मुझे 'निर्मल' कर दो .. 1
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भा रतीय संस्कृति में "बाबा" शब्द एक अहम् स्थान रखता है. बाबा शब्द फ़ारसी भाषा का शब्द है और इस शब्द को साधू संतों के लिए आदरसूचक ...
27 टिप्पणियां:
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