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18 फ़रवरी 2017
रूढ़ियाँ-समाज और युवाओं की जिम्मेवारी...3
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गत अंक से आगे ....मैं जहाँ तक समझ पाया हूँ कि दुनिया को बदलने का प्रयास करने से पहले हम खुद को बदलने का प्रयास करें. जब एक-एक करके हर कोई ...
2 टिप्पणियां:
08 फ़रवरी 2017
रूढ़ियाँ-समाज और युवाओं की जिम्मेवारी...2
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गत अंक से आगे ...हम अपने आसपास की चीजों को जब समझने की कोशिश करते हैं तो हमें समझ आता है कि इस समाज में कितना कुछ है जिसका हमारी जिन्दगी स...
1 टिप्पणी:
04 फ़रवरी 2017
रूढ़ियाँ-समाज और युवाओं की जिम्मेवारी...1
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‘आदमी मुसाफिर है, आता है जाता है, आते जाते रस्ते में यादें छोड़ जाता है’. सन 1977 में आई फिल्म ‘ अपनापन ’ का यह गीत काफी लोकप्रिय गीत रहा ह...
2 टिप्पणियां:
10 सितंबर 2013
आजादी पर आत्मचिन्तन ... 2
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आजादी का अगर सीधा सा अर्थ किया जाए तो इस मतलब होगा अपनी व्यवस्थाओं में जीना , लेकिन जिस भारत की आजादी का जश्न हम बड़े हर्षोल्लास से मनाते ह...
9 टिप्पणियां:
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