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22 मार्च 2016
‘माँ’ की ही अभिव्यक्ति हूँ ‘मैं’
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राह चलते जीवन के सफ़र में मंजिल को तय करते मिले मुझे लोग कई अपनी-अपनी विशेषता से भरपूर जिनमें अक्स देखा मैंने अपनी भावनाओं का ,...
16 टिप्पणियां:
20 अप्रैल 2014
सृजन की प्राथमिकता, ब्लॉगिंग और हम...5
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ब्लॉग को विधा नहीं बल्कि माध्यम कहना ज्यादा प्रासंगिक लगता है. कुछ लोग ब्लॉग को विधा का नाम भी देते हैं लेकिन यह प्रासंगिक नहीं . गतांक स...
7 टिप्पणियां:
10 सितंबर 2013
आजादी पर आत्मचिन्तन ... 2
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आजादी का अगर सीधा सा अर्थ किया जाए तो इस मतलब होगा अपनी व्यवस्थाओं में जीना , लेकिन जिस भारत की आजादी का जश्न हम बड़े हर्षोल्लास से मनाते ह...
9 टिप्पणियां:
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