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25 अक्टूबर 2016
गाँव नहीं रहा अब गाँव जैसा...3
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गत अंक से आगे ... मन वचन और कर्म के पहलुओं को समझाने की कोशिश कई तरीकों से की जाती. गाँव के बुजुर्ग गाँव के हर बच्चे के साथ अपने बच्चे जैस...
2 टिप्पणियां:
22 अक्टूबर 2016
गाँव नहीं रहा अब गाँव जैसा...2
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गत अंक से आगे .... गाँव में जीवन का क्रम जन्म से लेकर मृत्यु तक एक दूसरे के सहज सहयोग पर आधारित होता. लेकिन फिर भी कहीं पर मानवीय स्वभाव औ...
5 टिप्पणियां:
18 अक्टूबर 2016
गाँव नहीं रहा अब गाँव जैसा...1
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गाँव से बाहर रहते हुए मुझे लगभग 16 वर्ष हुए हैं. 2000 से 2005 के बीच के समय में साल में लगभग दो से तीन महीने गाँव में गुजरते थे. लेकिन 200...
6 टिप्पणियां:
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