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04 नवंबर 2010
हार्दिक शुभकामनायें....काश
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पिछले दो दिनों से मैं देख रहा हूँ कि हर जगह दीवाली की शुभकामनाओं का सिलसिला अनवरत रूप से चल रहा है। हर कोई अपने परिचित को दीवाली की शुभकाम...
15 टिप्पणियां:
29 अक्टूबर 2010
संसार पाया होता
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तमन्ना ही रही कि उनका पार पाया होता जो था पलकों के करीब , उसका सार पाया होता । सागर है तो शांत है , ना कोई किनारा होगा बनकर हंस म...
11 टिप्पणियां:
19 अक्टूबर 2010
वो लहर
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सागर के तट पर जाते ही देखा पानी की एक लहर हो रही है , अलग प्रतीत देखते ही नयनों का निशाना लग गया मानो मैं उस लहर में खो गया तलाश मो...
6 टिप्पणियां:
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