29 मार्च 2011

जिन्दगी उनके नाम


सोचते - सोचते मुझे शाम हो गयी
यह  जिन्दगी  उनके नाम हो गयी .


बात - बात में सोच रहा था उनके बारे
बात - बात में  उलझन पैदा हो गयी .


संभाले रखा था जिसे मैंने अपने लिए
दौलत वो तमाम उनके नाम हो गयी .


सपना बन कर रह गया उनके बारे सोचना
सामने उनके आते ही , जबान बंद हो गयी .


मेरे गिरते अश्कों का नहीं कोई सानी
मेरी हर निगाह अब बे ईमान हो गयी .


संजोया सपना जिन्हें अपना बनाने का
उन्हीं से केवल  गलतफहमी हो गयी

86 टिप्‍पणियां:

संजय कुमार चौरसिया ने कहा…

keval ram ji,

har baar ki taraf is baar bhi behtreen rachna,

sundar rachna ke liye bahut bahut badhai

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

सोचते - सोचते मुझे शाम हो गयी
निष्कर्ष इतना जिन्दगी उनके नाम हो गयी

प्रेम के सुंदर कोमल और संवेदनशील भाव .....

Rakesh Kumar ने कहा…

'मेरे गिरते अश्कों का नहीं कोई सानी
मेरी हर निगाह अब बेईमान हो गयी'

यह क्या लिख दिया केवल रामजी आपने ?

ये गलतफहमी भी बड़ी जालिम चीज है.

ललित शर्मा ने कहा…

सोचते-सोचते मुझे शाम हो गयी
यह जिन्दगी उनके नाम हो गयी

एस.एम.मासूम ने कहा…

संजोया सपना जिन्हें अपना बनाने का
उन्हीं से केवल गलतफहमी हो गयी
.
यही जीवन है. सुंदर कविता

Mukesh Kumar Sinha ने कहा…

arre wah!! ab gajal bhi likhne lage:)

मेरे गिरते अश्कों का नहीं कोई सानी
मेरी हर निगाह अब बेईमान हो गयी'

meree pasand bhi ye pankti..:)

aap dil se likhte ho!

Atul Shrivastava ने कहा…

'...जिंदगी उनके नाम हो गई...'

अच्‍छी और भावभरी रचना।

सम्वेदना के स्वर ने कहा…

अच्छी प्रस्तुति!!

ajit gupta ने कहा…

भाव अच्‍छे हैं लेकिन गजल के सांचे में इन्‍हें ढाल लें।

संध्या शर्मा ने कहा…

सोचते - सोचते मुझे शाम हो गयी
निष्कर्ष इतना जिन्दगी उनके नाम हो गयी...
अब तो लगता है ख्वाहिशें और जिंदगी
दोनों आसान हो गई...
बहुत सुंदर और कोमल भावों से भरी रचना..शुभकामनायें.............

सदा ने कहा…

सोचते - सोचते मुझे शाम हो गयी
निष्कर्ष इतना जिन्दगी उनके नाम हो गयी

बहुत खूब ...।

मनोज कुमार ने कहा…

संभाले रखा था जिसे मैंने अपने लिए
दौलत वो तमाम उनके नाम हो गयी .
इसी लुटने-लुटाने को तो प्यार कहते हैं।
अच्छी भावाभिव्यक्ति।

गिरधारी खंकरियाल ने कहा…

"सामने उनके आते ही , मेरी जबान बंद हो गयी ".

प्रेम में साहस की कमी क्यों पड जाती है? यही अन्तर्निहित मनोभाव उदेव्लित करते है मन को .

Deepak Saini ने कहा…

अच्छी प्रस्तुति!!

'मेरे गिरते अश्कों का नहीं कोई सानी
मेरी हर निगाह अब बेईमान हो गयी'

बहुत खूब ...।

डा. अरुणा कपूर. ने कहा…

संजोया सपना जिन्हें अपना बनाने का
उन्हीं से केवल गलतफहमी हो गयी

....बहुत खूब!...क्या कहने!

नरेश सिह राठौड़ ने कहा…

काफी दिनों बाद आपके बलोग पर आना हुआ है एक बढ़िया रचना पढकर सुखद अनुभव हुआ |

sushma 'आहुति' ने कहा…

सोचते - सोचते मुझे शाम हो गयी
निष्कर्ष इतना जिन्दगी उनके नाम हो गयी ...sab kah jati hai ye panktiya... bhut hi bhaavo se bharpur hai....

POOJA... ने कहा…

सारे के सारे बढ़िया... परन्तु मेरा पसंदीदा...
संभाले रखा था जिसे मैंने अपने लिए
दौलत वो तमाम उनके नाम हो गयी .

Vivek Jain ने कहा…

सोचते-सोचते मुझे शाम हो गयी
यह जिन्दगी उनके नाम हो गयी
http://vivj2000.blogspot.com Vivek Jain

cmpershad ने कहा…

‘सोचते - सोचते मुझे शाम हो गयी’

सुबह का भूला शाम को घर लौटे तो भूला नहीं कहते :)

दर्शन कौर धनोए ने कहा…

संजोया सपना जिन्हें अपना बनाने का
उन्हीं से केवल गलतफहमी हो गयी..

गलत फहमी मत करो केवल
सपने केसे पुरे होगे !

सुन्दर रचना !

Kailash C Sharma ने कहा…

सोचते - सोचते मुझे शाम हो गयी
निष्कर्ष इतना जिन्दगी उनके नाम हो गयी .

कोमल अहसास और उनकी बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति..

संजय भास्कर ने कहा…

केवल राम जी
नमस्कार !
सोचते - सोचते मुझे शाम हो गयी
निष्कर्ष इतना जिन्दगी उनके नाम हो गयी .
.....जोरदार
दिल को छू लेने वाली मनमोहक प्रस्तुति ।

संजय भास्कर ने कहा…

मेरे गिरते अश्कों का नहीं कोई सानी
मेरी हर निगाह अब बे ईमान हो गयी .

संजोया सपना जिन्हें अपना बनाने का
उन्हीं से केवल गलतफहमी हो गयी

केवल भाई,
कैसे लिख जाते हो यार ऐसा सब..........

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

सपना बन कर रह गया उनके बारे सोचना
सामने उनके आते ही , मेरी जबान बंद हो गयी .

तुम्ही से दिल का हाल बतायें, तुम्ही से हाल छिपायें।

ज्ञानचंद मर्मज्ञ ने कहा…

प्रेम भरी अभिव्यक्ति ,सुन्दर भाव-चित्र !

Rahul Singh ने कहा…

अब सावधान रहें. वैसे कुछ ऐसे वाकये होते हैं, जहां गलतफहमी भी हसीन होती है.

सुशील बाकलीवाल ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति...

अरुण चन्द्र रॉय ने कहा…

सोचते - सोचते मुझे शाम हो गयी
निष्कर्ष इतना जिन्दगी उनके नाम हो गयी .....

.... बेहद रोमांटिक अंदाज़ की कविता है.... सुन्दर .. केवल कविता है या कुछ सच्चाई भी है इसमें

artijha ने कहा…

waah...bahut acchhi kavita hai...badhai aapko.....

ZEAL ने कहा…

.

'मेरे गिरते अश्कों का नहीं कोई सानी
मेरी हर निगाह अब बेईमान हो गयी'

वाह ! बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति ।

.

शशांक मेहता ने कहा…

अति सुन्दर बधाई हो...........

डॉ टी एस दराल ने कहा…

बहुत सुन्दर भाव हैं ।
अच्छी ग़ज़ल ।
बस थोड़ी तकनीकि त्रुटियाँ हैं ।

Dr. Ashok palmist blog ने कहा…

बहुत ही शानदार गजल हैं । आभार केवल राम भाई ।

AREEBA ने कहा…

सपना बन कर रह गया उनके बारे सोचना
सामने उनके आते ही , जबान बंद हो गयी .

बहुत खूब प्यारी गजल इस के लिए शुभकामनाये

मेरे ब्लॉग पे आकर मेरा होसला बढ़ने के लिए आप का शुक्रिया

सुबीर रावत ने कहा…

ग़ज़ल कम शब्दों में अधिक अभिव्यक्त कर देता है व मनोभावों को सुगढ़ और सुन्दर शब्दों में प्रस्तुति की विलक्षण प्रतिभा आपके अंदर है. आपकी यह रचना भी उसी की बानगी है. ...... आभार.

अरविन्द जांगिड ने कहा…

संजोया सपना जिन्हें अपना बनाने का
उन्हीं से केवल गलतफहमी हो गयी

बहुत ही सुन्दर ! आभार

chirag ने कहा…

bahut khoob likha aapane
har bar ki tarah naya tha isame kuch

LAXMI NARAYAN LAHARE ने कहा…

चंद शब्दों में चलते -चलते कह पाना मुस्किल है ,ठहर सा गया मन
रूप रंग से नहीं जूनून से हुई मुलाकात
कई तराने हैं ,कई जज्बातें
उड़ने को बेताब हैं ये मदमस्त
राही ,
लक्ष्य पाने को बेताब हैं
शब्द वीर ,कर्म वीर ...
चलते -चलते कह गए लक्ष्मी केवल राम ...........
सादर
लक्ष्मी नारायण लहरे
युवा साहित्यकार पत्रकार
कोसीर /छत्तीसगढ़

विशाल ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
विशाल ने कहा…

केवल जी,बहुत ही बढ़िया भाव हैं आपकी रचना में.
दिल को छू गयी.

कुछ उलझते जज़्बात.
"बात - बात में सोच रहा था उनके बारे
बात - बात में उलझन पैदा हो गयी ."

कुछ स्वीकारोक्तियां.
"संभाले रखा था जिसे मैंने अपने लिए
दौलत वो तमाम उनके नाम हो गयी ."

कुछ सपने, कुछ हकीकतें.
"सपना बन कर रह गया उनके बारे सोचना
सामने उनके आते ही , जबान बंद हो गयी ."

कुछ अश्क ,कुछ बे ईमान होती निगाहें .
"मेरे गिरते अश्कों का नहीं कोई सानी
मेरी हर निगाह अब बे ईमान हो गयी ."

और कुछ गलतफहमियां,कुछ सपने
"संजोया सपना जिन्हें अपना बनाने का
उन्हीं से केवल गलतफहमी हो गयी"

सब कुछ तो कह दिया आपने.
समझने वाला ही न समझे तो कोई क्या करे.

***Punam*** ने कहा…

मेरे गिरते अश्कों का नहीं कोई सानी
मेरी हर निगाह अब बेईमान हो गयी'

ज़ज्बात अच्छे और सच्चे हैं...

Dr Varsha Singh ने कहा…

मेरे गिरते अश्कों का नहीं कोई सानी
मेरी हर निगाह अब बे ईमान हो गयी .
संजोया सपना जिन्हें अपना बनाने का
उन्हीं से केवल गलतफहमी हो गयी.

वाह क्या बात है !
बहुत सुन्दर !
पूरी ग़ज़ल उम्दा है !

Dr (Miss) Sharad Singh ने कहा…

संभाले रखा था जिसे मैंने अपने लिए
दौलत वो तमाम उनके नाम हो गयी .
सपना बन कर रह गया उनके बारे सोचना
सामने उनके आते ही , जबान बंद हो गयी ...

बहुत अच्छी ग़ज़ल...
बहुत ही खूबसूरत अलफ़ाज़....

anupama's sukrity ! ने कहा…

सोचते - सोचते मुझे शाम हो गयी
यह जिन्दगी उनके नाम हो गयी .

sunder abhivyakti .

JHAROKHA ने कहा…

kewal ji
kya baat hai----
bahut kamaal ka likha hai aapne to
sach kabhi kabhi aise hi hota hai ki

intjaar me jiske hamare armaan the palte
vo kisi aur ke dil par apna naam likh gai
bahut bahut badhiya lagi aapki post ------sachchi
poonam

Apanatva ने कहा…

sabse badee dushman hai ye galatfahmee..........jeevan me ise dera dalne diya to jeena hee dubhar kar detee hai........spashtta jeevan ka aadhar ho to mazaa hee hai jeene me.

jis rashte me vishvas ka abhav ho vo rishta .....?

honesty project democracy ने कहा…

क्या बात है केवल राम जी ..कहीं पे निगाहें और कहीं पे निशाना की आपकी ये अदा अच्छी है लेकिन बात क्या है.....?

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

संभाले रखा था जिसे मैंने अपने लिए
दौलत वो तमाम उनके नाम हो गयी .

बहुत खूब ...सुन्दर अभिव्यक्ति

Suman ने कहा…

संजोया सपना जिन्हें अपना बनानेका
उन्ही से केवल गलतफहमी हो गई
bahut sunder.......

संतोष त्रिवेदी ने कहा…

"संभाले रखा था जिसे मैंने अपने लिए
दौलत वो तमाम उनके नाम हो गयी ."
इसीलिये उस चीज़ को मत ज़रूरत से ज्यादा मत संभालो जो दूसरों की हो जाए !

Ashok Pandey ने कहा…

अच्‍छी प्रस्‍तुति..आभार।

दिगम्बर नासवा ने कहा…

सपना बन कर रह गया उनके बारे सोचना
सामने उनके आते ही , जबान बंद हो गयी ....
ऐसा होता है ... केवल जी ... प्रेम का असर तो ऐसा ही होता है ...
जबरदस्त शेर कहे हैं ...

जाट देवता (संदीप पवांर) ने कहा…

जाट देवता की राम राम।
बहुत खूब ।

संजय भास्कर ने कहा…

केवल जी
पांच बार पढ़ चूका हूँ पर मन ही नहीं भरता

ज्योति सिंह ने कहा…

सपना बन कर रह गया उनके बारे सोचना
सामने उनके आते ही , जबान बंद हो गयी .


मेरे गिरते अश्कों का नहीं कोई सानी
मेरी हर निगाह अब बे ईमान हो गयी .
pyaar me mile najuk ahsaas ,jise bahut hi sundar se likha hai .

Kunwar Kusumesh ने कहा…

सपना बन कर रह गया उनके बारे सोचना
सामने उनके आते ही , जबान बंद हो गयी .

प्यार में कभी कभी ऐसा हो जाता है.परेशान न होइए, केवल जी.

RAJEEV KUMAR KULSHRESTHA ने कहा…

अब मैं तो इस कविता के पीछे की
भावना जानता हूँ । सही है न

Manpreet Kaur ने कहा…

बहुत ही अच्छा पोस्ट है जी ! मेरे ब्लॉग पर जरुर आना ! हवे अ गुड डे !
Music Bol
Lyrics Mantra
Shayari Dil Se
Latest News About Tech

'साहिल' ने कहा…

bahut khoob! likhte rahiye

सारा सच ने कहा…

मेरी लड़ाई Corruption के खिलाफ है आपके साथ के बिना अधूरी है आप सभी मेरे ब्लॉग को follow करके और follow कराके मेरी मिम्मत बढ़ाये, और मेरा साथ दे ..

रचना दीक्षित ने कहा…

मेरे गिरते अश्कों का नहीं कोई सानी
मेरी हर निगाह अब बे ईमान हो गयी .

संजोया सपना जिन्हें अपना बनाने का
उन्हीं से केवल गलतफहमी हो गयी.

प्यार के रस से सरावोर प्यार की उलझनों को सुलझाती खूबसूरत गज़ल.

Udan Tashtari ने कहा…

वाह! बहुत बेहतरीन रचना.

Kavita Prasad ने कहा…

संभाले रखा था जिसे मैंने अपने लिए
दौलत वो तमाम उनके नाम हो गयी .

sab kuch samarpit kar dene ka naam hi pyaar hai.

संध्या शर्मा ने कहा…

संजोया सपना जिन्हें अपना बनाने का
उन्हीं से केवल गलतफहमी हो गयी..

प्यार के रस से सराबोर खूबसूरत गज़ल....

amit-nivedita ने कहा…

bahut khoob..

आचार्य परशुराम राय ने कहा…

बहुत अच्छे भाव हैं, लेकिन ग़जल में कुछ कमी लग रही हैं। वैसे मुझे ग़जल की कोई खास समझ नहीं है। आभार।

Sunil Kumar ने कहा…

संभाले रखा था जिसे मैंने अपने लिए
दौलत वो तमाम उनके नाम हो गयी .
बहुत ही खुबसूरत शेर, बहुत खूब.....

मुसाफिर क्या बेईमान ने कहा…

दिल से निकलते शब्दों ने,
दिन को तब्दील किया साँझ मे,
और जिन्दगी उनके नाम हो गयी.
अति सुंदर.

Sawai Singh Rajpurohit ने कहा…

केवल राम जी

सोचते - सोचते मुझे शाम हो गयी
यह जिन्दगी उनके नाम हो गयी


सपना बन कर रह गया उनके बारे सोचना
सामने उनके आते ही , जबान बंद हो गयी .


संजोया सपना जिन्हें अपना बनाने का
उन्हीं से केवल गलतफहमी हो गयी


क्या बात है भाई

Sawai Singh Rajpurohit ने कहा…

जिन्दगी इसी का नाम

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

sundar chitran.

-----------
क्या ब्लॉगों की समीक्षा की जानी चाहिए?
क्यों हुआ था टाइटैनिक दुर्घटनाग्रस्त?

जयकृष्ण राय तुषार ने कहा…

भाई केवल राम जी बहुत ही सुंदर कविता है ,आपको बधाई और शुभकामनाएं |

जयकृष्ण राय तुषार ने कहा…

भाई केवल राम जी बहुत ही सुंदर कविता है ,आपको बधाई और शुभकामनाएं |

Patali-The-Village ने कहा…

प्यार के रस से सराबोर खूबसूरत गज़ल|
नवसंवत्सर की हार्दिक शुभकामनाएँ| धन्यवाद|

Sawai Singh Rajpurohit ने कहा…

दिन मैं सूरज गायब हो सकता है

रोशनी नही

दिल टू सटकता है

दोस्ती नही

आप टिप्पणी करना भूल सकते हो

हम नही

हम से टॉस कोई भी जीत सकता है

पर मैच नही

चक दे इंडिया हम ही जीत गए

भारत के विश्व चैम्पियन बनने पर आप सबको ढेरों बधाइयाँ और आपको एवं आपके परिवार को हिंदी नया साल(नवसंवत्सर२०६८ )की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ!

आपका स्वागत है

121 करोड़ हिंदुस्तानियों का सपना पूरा हो गया

Kajal Kumar ने कहा…

सुंदर ग़ज़ल.

mridula pradhan ने कहा…

सोचते - सोचते मुझे शाम हो गयी
यह जिन्दगी उनके नाम हो गयी .
wah...behad achchi lagi.

Navin C. Chaturvedi ने कहा…

केवल राम भाई, कोमल भावों से ओतप्रोत सुंदर रचना प्रस्तुत करने के लिए बधाई|

Kailash C Sharma ने कहा…

बात - बात में सोच रहा था उनके बारे
बात - बात में उलझन पैदा हो गयी .

कोमल अहसासों से परिपूर्ण बहुत सुन्दर रचना..नवसंवत्सर की हार्दिक शुभकामनायें!

Amrita Tanmay ने कहा…

Bahut pyara..komal...kuchh-kuchh jadui bhavon ko pratidhvnit karti hui khubsurat rachana hai..jab jindgi kisi ke naam ho jati hai to man malang ho jata hai..bahut achchhi lagi ...aabhar

संजय भास्कर ने कहा…

जिंदगी किसके नाम हो गई केवल भाई

संजय भास्कर ने कहा…

केवल जी
पांच बार पढ़ चूका था
पर आज फिर पढने चला आया यार

संजय भास्कर ने कहा…

bahut khoob! likhte rahiye bhai

संजय भास्कर ने कहा…

सपना बन कर रह गया उनके बारे सोचना
सामने उनके आते ही , जबान बंद हो गयी अरे यार अगर बोल देते तो शायद बात बन जाती

Kailash Sharma ने कहा…

संभाले रखा था जिसे मैंने अपने लिए
दौलत वो तमाम उनके नाम हो गयी .

....वाह! बेहतरीन रचना...